
Rama Devi Sahu
374 days ago
🙏‼️ Radhey Radhey ‼️🙏 Dt.21.08.2025 (Thursday) **************************** एक बार की बात है एक बहुत ही पुण्य व्यक्ति अपने परिवार सहित तीर्थ के लिए निकला। कई कोस दूर जाने के बाद पूरे परिवार को प्यास लगने लगी। ज्येष्ठ का महीना था आस-पास कहीं पानी नहीं दिखाई पड़ रहा था। उसके बच्चे प्यास से व्याकुल होने लगे, समझ नहीं आ रहा था कि वो क्या करे। अपने साथ लेकर चलने वाला पानी भी समाप्त हो चुका था। एक समय ऐसा आया कि उसे भगवान से प्रार्थना करनी पड़ी कि हे प्रभु, अब आप ही कुछ करो। इतने में उसे कुछ दूरी पर एक साधु तप करता हुआ नजर आया, व्यक्ति ने उस साधु से जाकर अपनी समस्या बताई। साधु बोले कि यहाँ से एक कोस दूर उत्तर की दिशा में एक छोटी दरिया बहती है, जाओ जाकर वहाँ से पानी लेकर अपने परिवार की प्यास बुझा लो। साधु की बात सुनकर उसे बड़ी प्रसन्नता हुई और उसने साधु को धन्यवाद दिया। पत्नी एवं बच्चों की स्थिति नाजुक होने के कारण वहीं रुकने के लिये बोला और खुद पानी लेने चला गया। जब वो दरिया से पानी लेकर लौट रहा था तो उसे रास्ते में पाँच व्यक्ति मिले जो अत्यंत प्यासे थे। पुण्य आत्मा को उन पाँचो व्यक्तियों की प्यास देखी नहीं गयी और अपना सारा पानी उन प्यासों को पिला दिया। जब वो दोबारा पानी लेकर आ रहा था तो पाँच अन्य व्यक्ति मिले जो उसी तरह प्यासे थे। पुण्य आत्मा ने फिर अपना सारा पानी उनको पिला दिया। यही घटना बार-बार हो रही थी, और काफी समय बीत जाने के बाद जब वो नहीं आया तो साधु उसकी तरफ चल पड़ा। बार-बार उसके इस पुण्य कार्य को देखकर साधु बोला- "हे पुण्य आत्मा, तुम बार-बार अपनी बाल्टी भरकर दरिया से लाते हो और किसी प्यासे के लिए खाली कर देते हो। इससे तुम्हें क्या लाभ मिला? पुण्य आत्मा ने बोला मुझे क्या मिला, या क्या नहीं मिला इसके बारे में मैंने कभी नहीं सोचा, पर मैंने अपना स्वार्थ छोड़कर अपना धर्म निभाया। साधु बोला- "ऐसे धर्म निभाने से क्या फायदा जब तुम्हारे अपने बच्चे और परिवार ही जीवित ना बचें? तुम अपना धर्म ऐसे भी निभा सकते थे जैसे मैंने निभाया। पुण्य आत्मा ने पूछा- "कैसे महाराज? साधु बोला- "मैंने तुम्हे दरिया से पानी लाकर देने के बजाय दरिया का रास्ता ही बता दिया। तुम्हें भी उन सभी प्यासों को दरिया का रास्ता बता देना चाहिए था। ताकि तुम्हारी भी प्यास मिट जाये और अन्य प्यासे लोगों की भी। फिर किसी को अपनी बाल्टी खाली करने की जरुरत ही नहीं"। इतना कहकर साधु अंतर्ध्यान हो गया। पुण्य आत्मा को सब कुछ समझ आ गया कि *अपना पुण्य खाली कर दूसरों को देने के बजाय, दूसरों को भी पुण्य अर्जित करने का रास्ता या विधि बतायें।* यही तत्व ज्ञान है- *[ अगर किसी के बारे में अच्छा सोचना है तो उसे उस परमात्मा से जोड़ दो ताकि उसे हमेशा के लिए लाभ मिलता रहे ]* सदैव प्रसन्न और आशावान रहिए, *जो प्राप्त है पर्याप्त है।* 🙏जय जय श्री राधे🙏
Comments (9)

Girish Kumar
Aug 21, 2025
Om Namo Bhagwate Vasudevay 🙏 Jai Shri Laxmi Narayan 🙏 Radhey Radhey Jai Shri Krishna 🙏 Shubh Dopahar Vandan 🙏 🌹

Rama Devi Sahu
Aug 21, 2025
Radhey Radhey ❤️ Jai Shree Krishna 🙏 Subha Sakal ka Subha Abhinandan 🙏 Bhagwan ki Aasirbad Aap pr Hamesha Banaye Rakhe 🙏 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Aug 21, 2025
जय श्री राधे जी 🙏

Rama Devi Sahu
Aug 21, 2025
🙏‼️ Radhey Radhey ‼️🙏 Suprabhat... Subha Kamanayen ke Sath Ram Ram Jii 🌹

Rama Devi Sahu
Aug 21, 2025
Aap ko bhi Dhanyawad 🙏 Bhagwan Aap ko Mangal Kare 🙏❤️

Rama Devi Sahu
Aug 21, 2025
🙏‼️ Om Namo Bhagavate Vasudevaya Namah ‼️🙏 Subha Sakal ka Subha Abhinandan 🙏 Prabhu Shri Hari Vishnu ebm Mata Lakshmi Ji ki Aasirbad se Aap Hamesha Khush Rahe Swasth or Surakshit Rahe 🙏 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

Saumya Sharma
Aug 21, 2025
बहुत ही सुन्दर पोस्ट 👌👌👌 के लिए धन्यवाद 🙏🌹😊

Saumya Sharma
Aug 21, 2025
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🙏🌹😊 जय श्री लक्ष्मीनारायण जी 🙏🌹😊 शुभ मंगलकामनाओं के साथ सुप्रभात वंदन बहना जी 🙏🌹😊 जगत के पालनहार श्री विष्णु और पूरी दुनिया की समृद्धि विष्णुप्रिया लक्ष्मी जी की कृपा आप सपरिवार पर सदैव ही बनी रहे 🙏🌹😊 आप स्वस्थ रहें, मस्त रहें और खुशहाल रहें 🙏🌹😊

