
5/10/2026
पंच देवता गणेशं प्रथमं वन्दे, सूर्यं तेजोमयं भजे शिवं शान्तिप्रदं वन्दे, विष्णुं लोकहितं भजे दुर्गां शक्तिस्वरूपां च, पञ्चदेवान् नमाम्यहम् विघ्नं नश्यतु मे नित्यं, मङ्गलं भवतु सर्वदा बुद्धिं देहि गणाध्यक्ष, आरोग्यं देहि भास्कर शान्तिं…

645 devotional posts

5/10/2026
पंच देवता गणेशं प्रथमं वन्दे, सूर्यं तेजोमयं भजे शिवं शान्तिप्रदं वन्दे, विष्णुं लोकहितं भजे दुर्गां शक्तिस्वरूपां च, पञ्चदेवान् नमाम्यहम् विघ्नं नश्यतु मे नित्यं, मङ्गलं भवतु सर्वदा बुद्धिं देहि गणाध्यक्ष, आरोग्यं देहि भास्कर शान्तिं…

2/10/2026
काशी में मणिकर्णिका घाट पर चिता जब शांत हो जाती है तब मुखाग्नि देने वाला व्यक्ति चिता भस्म पर 94 लिखता है यह सभी को नहीं मालूम है खांटी बनारसी लोग या अगल बगल के लोग ही इस परम्परा को जानते हैं बाहर से आये शवदाहक जन इस बात को नहीं जानते…

2/10/2026
काशी में मणिकर्णिका घाट पर चिता जब शांत हो जाती है तब मुखाग्नि देने वाला व्यक्ति चिता भस्म पर 94 लिखता है यह सभी को नहीं मालूम है खांटी बनारसी लोग या अगल बगल के लोग ही इस परम्परा को जानते हैं बाहर से आये शवदाहक जन इस बात को नहीं जानते…

30/9/2026
स्वधा देवी स्तोत्रम् ब्रह्मवैवर्त पुराण, प्रकृति खण्ड, अध्याय 41 - ब्रह्मा कृत भूमिका श्राद्ध में हम स्वधा बोलकर पितरों को आहुति देते हैं, देवताओं को स्वाहा बोलकर प्रश्न उठा - ये स्वधा कौन हैं? ब्रह्मवैवर्त पुराण कहता है कि स्वधा कोई शब्द…

28/9/2026
क्या आप जानते हैं कि हमारे कैलेंडर के 12 महीनों के नाम असल में 27 सगी बहनों की एक शापित कहानी से जुड़े हैं? सृष्टि के आरंभ में जब काल, ऋतुओं और समय के विभाजन की रचना हो रही थी, तब आकाश मंडल में न तिथियों का कोई स्पष्ट नियम था और न ही…

26/9/2026
जब परीक्षित जी को भागवत कथा सुनते सुनते 6 दिन बीत गए तब शुकदेव जी ने देखा कि परीक्षित के मन में अभी भी मृत्यु का भय हैं फिर उनकी इस दशा को देखते हुए शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को एक कथा सुनाई , कथा के अनुसार एक राजा एक बार जंगल में शिकार…

26/9/2026
पितृपक्ष में करें गीता के सातवें अध्याय का पाठ!! सातवें अध्याय का माहात्म्य भगवान शिव कहते हैं 'पार्वती ! अब मैं सातवें अध्याय का माहात्म्य बतलाता हूँ, जिसे सुनकर कानों में अमृत-राशि भर जाती है पाटलिपुत्र नामक एक दुर्गम नगर है, जिसका…

20/9/2026
️ माँ लक्ष्मीजी का बिल्व स्वरूप ️ शिव ने क्यों माना बिल्ववृक्ष को शिवस्वरूप ? ️ ️ ️ ️ ️ ️ ️ ️ ️ ️ यौवनं जीवनं वित्तं छाया लक्ष्मीश्च स्वामिता चञ्चलानि षडेतानि ज्ञात्वा धर्मरतो भवेत् शुक्रनीति - १ ३८ अर्थात् ...! यौवन, जीवन, धन, छाया,…

19/9/2026
जब 40 साल के तपस्वी को एक पुजारी ने जीवन का सबसे बड़ा पाठ पढ़ाया रामकृष्ण परमहंस और तोतापूरी के बीच का संवाद केवल गुरु-शिष्य की चर्चा नहीं थी, बल्कि यह ज्ञान और विज्ञान का मिलन था तोतापूरी जहाँ शुष्क वेदांत के पक्षधर थे, वहीं रामकृष्ण…

18/9/2026
जय श्री राम जी

18/9/2026
बंगाल के एक परम भक्त थे रामदास उनका अटूट नियम था कि वे हर एकादशी पर बंगाल से पैदल चलकर जगन्नाथ पुरी पहुँचते थे वहाँ समुद्र स्नान के बाद वे प्रभु का महाप्रसाद ग्रहण करते और रात को 'शयन आरती' के बाद मंदिर के बाहर बैठकर भावपूर्ण कीर्तन करते…

11/9/2026
आज पहला दिन - श्री बाल गणपति १. श्री बाल गणपति पुराण में प्राप्ति मुद्गल पुराण में ३२ रूपों की सूची में प्रथम नाम - श्री बाल गणेश श्रीतत्त्वनिधि में इसका ध्यान इस प्रकार दिया है विवरण रक्तवर्ण नहीं, बाल-सूर्य जैसे सुनहरे-लाल बालक जैसे,…

11/9/2026
हनुमान चालीसा की रचना कैसे हुई...यह कहानी नहीं, अपितु एक सत्य कथा है,अधिकांश लोग अपरिचित है इस कथा से.. इसे सेव कर सुरक्षित कर लें, ऐसी पोस्ट कम ही आती है..अंत तक जरुर पढ़े पवनपुत्र श्रीहनुमानजी की आराधना तो सभी लोग करते हैं और हनुमान…

9/9/2026
पतिव्रत धर्म ,,,, रामचरितमानस के अरण्यकांड में माता अनसूयाजी ने मातासीता को पतिव्रतधर्म का उपदेश देते हुये कहा था, पढ़े भावार्थ सहित मातु पिता भ्राता हितकारी मितप्रद सब सुनु राजकुमारी अमित दानि भर्ता बयदेही अधम सो नारि जो सेव न तेही…

9/9/2026
पतिव्रत धर्म ,,,, रामचरितमानस के अरण्यकांड में माता अनसूयाजी ने मातासीता को पतिव्रतधर्म का उपदेश देते हुये कहा था, पढ़े भावार्थ सहित मातु पिता भ्राता हितकारी मितप्रद सब सुनु राजकुमारी अमित दानि भर्ता बयदेही अधम सो नारि जो सेव न तेही…

8/9/2026
श्री राम और राममन्त्र तात्पर्य,,,,, वास्तव में राम अनादि ब्रह्म ही हैं अनेका नेक संतों ने निर्गुण राम को अपने आराध्य रूप में प्रतिष्ठित किया है राम नाम के इस अत्यंत प्रभावी एवं विलक्षण दिव्य बीज मंत्र को सगुणोपासक मनुष्यों में प्रतिष्ठित…

7/9/2026
राम नाम लेखन की महिमा कलियुग में राम-नाम लेखन को साक्षात् तपस्या कहा गया है भूमिका - राम-नाम लेखन क्या है? जब हाथ से श्रीराम , राम-राम बार-बार कॉपी-पुस्तक में लिखा जाता है, तो इसे लिखित जप कहते हैं मानस में तुलसी बाबा ने कहा है - कलियुग…

7/9/2026
ॐ नमः शिवाय भगवान शिव को पशुपतिनाथ इसलिए कहा जाता है क्योंकि संस्कृत में पशु का अर्थ केवल जानवर नहीं, बल्कि समस्त जीवधारी हैं, वे सभी प्राणी जो मोह, अहंकार, भय और कर्मों के बंधनों में बँधे हुए हैं पति का अर्थ है स्वामी, रक्षक और पालनकर्ता…

6/9/2026
अग्निहोत्र और पितर,,,,,, अग्निहोत्र कर्म पितरों को केसे तृप्त करता है जानिये l पितरों के समान हैं ये 3 वृक्ष, 3 पक्षी, 3 पशु और 3 जलचर l अग्निहोत्र कर्म से आकाश मंडल के समस्त पक्षी भी तृप्त होते हैं पक्षियों के लोक को भी पितृलोक कहा जाता…

6/9/2026
हनुमान जी की अजेयता का रहस्य हनुमान जी साहस, शौर्य और बल के देवता माने जाते हैं कई लोग उनकी भक्ति उनके इन्हीं गुणों को पाने के लिए करते हैं आध्यात्मिक गुरु प्रेमानंद महाराज ने अपने कई प्रवचनों में भगवान हनुमान जी की महिमा का वर्णन बड़े…

5/9/2026
संकल्प की शक्ति ,,,,,,,,,,,, एक संन्यासी जीवन के रहस्यों को समझने हेतु आत्मज्ञान प्राप्त करने के लिए कई दिनों तक तपस्या और कठोर साधना में लगे रहे, पर आत्मज्ञान की प्राप्ति नहीं हुई . थक-हारकर उन्होंने तपस्या छोड़कर घर लौटने का निश्चय किया…

3/9/2026
भगवान विष्णु के तीन नाम, करते हैं रोगों का नाश सभी रसायन हम करी नहीं नाम सम कोय रंचक घट मैं संचरै, सब तन कंचन होय सारा संसार आधिदैविक, आधिभौतिक और आध्यात्मिक रोगों से ग्रस्त है कभी-कभी सभी प्रकार की दवाएं कर लेने पर भी रोग मिटता नहीं,…

3/9/2026
भगवान विष्णु के तीन नाम, करते हैं रोगों का नाश सभी रसायन हम करी नहीं नाम सम कोय रंचक घट मैं संचरै, सब तन कंचन होय सारा संसार आधिदैविक, आधिभौतिक और आध्यात्मिक रोगों से ग्रस्त है कभी-कभी सभी प्रकार की दवाएं कर लेने पर भी रोग मिटता नहीं,…

3/9/2026
पुराणों में वर्णित 15 प्रमुख देवताओं के जन्म और उनके कारण