
SHREE SHARMA
388 days ago
सदैव पादपंकजं मदीय मानसे निजं, दधानमुक्तमालकं नमामि नन्दबालकम्। अर्थ: मैं हमेशा अपने मन में उनके चरण कमलों को धारण करता हूँ, जो मुक्ता की माला पहने हुए हैं, ऐसे नंद के बालक (श्रीकृष्ण) को मैं नमन करता हूँ हरे कृष्ण 🙏

Comments (6)

hansu parjapti
Aug 7, 2025
Jay shree murli manohar 🌹👏

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
Aug 7, 2025
जय श्री कृष्णा जी 🙏

Rama Devi Sahu
Aug 7, 2025
Jai Shree Krishna 🙏🌹🌹 Subha Guruvar Subah ki Suprabhat Jii 🙏🌹🌹
