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नवंबर का महीना त्योहारों के लिहाज से बेहद खास होता है। दिवाली के पर्व के अलावा इस महीने में कई अन्य प्रमुख धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक त्योहार मनाए जाते हैं। नवंबर महीने में आने वाले प्रमुख त्योहारों की पूरी सूची और उनकी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है: ### 1. गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja / Annakut) * **महत्व:** दिवाली के ठीक अगले दिन मनाए जाने वाले इस त्योहार में भगवान कृष्ण, गोवर्धन पर्वत और प्रकृति की पूजा की जाती है। इस दिन छप्पन भोग या अन्नकूट बनाकर भगवान को उसका प्रसाद चढ़ाया जाता है, जो प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है। ### 2. भाई दूज (Bhai Dooj / Yam Dwitiya) * **महत्व:** यह पर्व भाई-बहन के पवित्र और अटूट प्रेम को समर्पित है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र, सुख और समृद्धि की कामना करती हैं, और भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं। ### 3. छठ पूजा (Chhath Puja) * **महत्व:** मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में, यह चार दिनों का अत्यंत कठिन और पवित्र लोक पर्व है। यह पर्व सूर्य भगवान (सूर्य देव) और छठी मईया को समर्पित है। इसमें व्रती कठिन निर्जला उपवास रखते हैं और नदी या तालाब के घाट पर खड़े होकर डूबते और उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देते हैं। ### 4. देवउठनी एकादशी / प्रबोधिनी एकादशी (Devuthana Ekadashi) * **महत्व:** इस एकादशी को बहुत ही शुभ माना जाता है। मान्यता है कि चार महीने की योगनिद्रा के बाद भगवान विष्णु इस दिन जागते हैं। इसी दिन से सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों (जैसे विवाह, गृह प्रवेश आदि) की दोबारा शुरुआत होती है। ### 5. तुलसी विवाह (Tulsi Vivah) * **महत्व:** देवउठनी एकादशी या उसके अगले दिन तुलसी के पौधे का विवाह भगवान शालिग्राम (विष्णु जी का स्वरूप) के साथ कराया जाता है। यह सनातन संस्कृति में एक बड़े उत्सव की तरह मनाया जाता है और इसके साथ ही शादियों के सीजन का औपचारिक आरंभ होता है। ### 6. देव दिवाली / कार्तिक पूर्णिमा (Dev Diwali / Kartik Purnima) * **महत्व:** कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन मुख्य रूप से वाराणसी (काशी) में गंगा घाटों पर लाखों दीये जलाए जाते हैं, जिसे 'देव दीपावली' कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन देवतागण दीपावली मनाने के लिए धरती पर आते हैं। इसके अलावा, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व है। ### 7. गुरु नानक जयंती / गुरु पर्व (Guru Nanak Jayanti) * **महत्व:** यह सिख धर्म के संस्थापक और पहले गुरु, गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व (जन्म दिवस) के रूप में मनाया जाता है। इस दिन गुरुद्वारों में विशेष अरदास, पाठ, भव्य नगर कीर्तन और लंगर का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। ### अन्य प्रमुख राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक दिवस: * **बाल दिवस (Children's Day - 14 नवंबर):** देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती, जिसे बच्चों के प्रति उनके प्रेम और समर्पण की याद में मनाया जाता है। * **पुष्कर मेला (Pushkar Fair):** राजस्थान के पुष्कर में आयोजित होने वाला यह दुनिया के सबसे बड़े ऊंट और सांस्कृतिक मेलों में से एक है, जहाँ देश-विदेश से पर्यटक आते हैं।

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