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सतगुर मेरे कलम हाथ तेरे मेरे सतगुरु, मेरी जीवन रूपी कलम आपके हाथ में है।" यह पूर्ण समर्पण (Surrender) का भाव है। जब एक भक्त कहता है कि उसकी कलम गुरु के हाथ में है, तो इसका अर्थ होता है: * भाग्य का लेखन: मेरा भविष्य और मेरा भाग्य आप ही लिख रहे हैं। मुझे किसी बात की चिंता नहीं क्योंकि लिखने वाला मेरा गुरु है। * कर्मों का मार्गदर्शन: मैं वही लिखूँ या वही करूँ जो आपकी आज्ञा हो। * अहंकार का त्याग: "मैं" कुछ नहीं कर रहा, जो कुछ भी घटित हो रहा है, वह आपकी कृपा और लेखनी का फल है। यह पंक्तियाँ अक्सर भक्ति संगीत और भजनों में सुनने को मिलती हैं, जो याद दिलाती हैं कि अगर हम अपनी जीवन की डोर (या कलम) उस परमात्मा या गुरु को सौंप दें, तो वह सबसे सुंदर चित्र ही उकेरेगा।

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Comments (4)

Selvaraj T

Selvaraj T

Feb 21, 2026

🛕🛕🛕🛕🛕🛕பஞ்சாப் பொற்கொவில் 🛕🛕🛕🛕and Good Eveing 💐💐💐💐💐💐💐

Lal  Singh 🇮🇳🇮🇳

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳

Feb 21, 2026

सत नाम वाहेगुरु 🙏सुभ सन्धेया वंदन जी

प्रेम कुमार

प्रेम कुमार

Feb 21, 2026

🌹सत नाम वाहेगुरु 🌹 शुभ संध्या वंदन 🌹🌹