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महादेव की आराधना के लिए प्रदोष व्रत सर्वोत्तम माना जाता है और जब यह गुरुवार को पड़ता है, तो इसे **'गुरु प्रदोष'** कहा जाता है। मई 2026 में वाकई दो विशेष गुरु प्रदोष व्रत का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यहाँ दोनों व्रतों की सही तिथियाँ और शुभ मुहूर्त की जानकारी दी गई है: ## मई 2026 गुरु प्रदोष व्रत कैलेंडर | व्रत | तिथि | पूजा का शुभ मुहूर्त (प्रदोष काल) | |---|---|---| | **पहला गुरु प्रदोष (कृष्ण पक्ष)** | **14 मई 2026 (आज)** | **शाम 07:04 से रात 09:09 तक** | | **दूसरा गुरु प्रदोष (शुक्ल पक्ष)** | **28 मई 2026** | **शाम 07:12 से रात 09:15 तक** | ### पूजा के विशेष नियम और विधि प्रदोष व्रत में महादेव की पूजा सूर्यास्त के समय यानी **प्रदोष काल** में करना सबसे फलदायी होता है। * **संकल्प:** सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद भगवान शिव के समक्ष व्रत का संकल्प लें। * **अभिषेक:** शिवजी का गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी (पंचामृत) से अभिषेक करें। * **विशेष अर्पण:** महादेव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद चंदन और अक्षत अर्पित करें। * **मंत्र जाप:** पूजा के दौरान 'ॐ नमः शिवाय' का निरंतर जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें। * **भोजन:** इस दिन सात्विक आहार लें। यदि संभव हो तो फलाहार करें और अगले दिन सूर्योदय के बाद ही व्रत का पारण करें। ### गुरु प्रदोष का महत्व शास्त्रों के अनुसार, गुरु प्रदोष का व्रत करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और कुंडली में **बृहस्पति (गुरु)** ग्रह की स्थिति मजबूत होती है। यह शिक्षा, धन और सफलता के द्वार खोलने में सहायक माना जाता है। > **विशेष नोट:** आज 14 मई का त्रयोदशी मुहूर्त सुबह 11:20 से शुरू हो चुका है, इसलिए आज का व्रत और संध्या पूजा अत्यंत शुभ है। > हर हर महादेव! 🙏

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Comments (1)

Riya Riya  💖💖

Riya Riya 💖💖

May 14, 2026

हर हर महादेव 🕉️🙏 शुभ रात्रि भैया जी 🙏🙏