
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
18 days ago
*🕉️3580 मीटर की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ मंदिर में क्या-क्या है खास? पढ़ें धाम से जुड़ी हर जानकारी🕉️* 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱 *🪦भारत का पांचवां ज्योतिर्लिंग केदारनाथ मंदिर हिंदू धर्म से जुड़े लोगों के लिए अत्यंत पवित्र स्थल है, जो उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय की गोद में बसा है। 3580 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर अपने आप में भव्यता का प्रतीक है।* *यहां भक्तगण भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं। मंदिर से जुड़ी मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण 8वीं शताब्दी में आदि शंकराचार्य द्वारा कराया गया था। मंदिर के पास मंदाकिनी नदी का मनोरम दृश्य इसकी सुंदरता को और निखारने का काम करता है।* *केदारनाथ मंदिर न सिर्फ द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक है, बल्कि पंच केदारों में भी सबसे प्रमुख माना जाता है। इसके अलावा यह देवभूमि उत्तराखंड के प्रसिद्ध छोटे 4 धाम यात्रा का भी अहम हिस्सा है।* *📿केदारनाथ मंदिर का महाभारत काल से संबंध* *ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ* बताया जाता है कि, महाभारत काल में जब पांडवों ने कुरुक्षेत्र युद्ध कौरवों को हरा दिया था, तो अपने ही सगे-संबंधियों की हत्या से आहत होकर उन्होंने भगवान शिव से क्षमा-प्रार्थना की। भगवान शिव उनसे बचते रहे और आखिर में केदारनाथ पहुंचे जहां उन्होंने भैंसे का रूप धारण करके विलीन हो गए। ऐसा माना जाता है कि, यह मंदिर उसी स्थान पर स्थित है जहां भगवान शिव विलीन हुए थे। मंदिर के अंदर शिवलिग पृथ्वी, जल, हवा और अग्नि तत्वों द्वारा प्राकृतिक रूप से निर्मित हुआ है। इसके अलावा केदारनाथ से जुड़ी अन्य कथा बताती हैं कि, ऋषि नारा और नारायण ने कई सालों तक केदारनाथ धाम में ध्यान किया और भगवान शिव उनकी भक्ति से इतने खुश हुए कि उन्होंने उन्हें मंदिर में एक स्थायी निवास स्थान प्रदान किया। *📿मंदिर के गर्भ गृह में स्वयंभू ज्योतिर्लिंग* *ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ* मंदिर के गर्भ गृह में भगवान भोले नाथ का स्वयंभू ज्योतिर्लिंग एक विशाल शिला के रूप में मौजूद है। गर्भ गृह के बाहर मां पार्वती की पाषाणमूर्ति है और सभामंडप में पंच पांडव, श्रीकृष्ण एवं माता कुंती जी की मूर्तियां हैं। मुख्य द्वार पर गणेश जी और श्री नंदी जी की पाषाण मूर्तियां हैं। परिक्रमा पथ में अमृत कुंड है। इसी पथ के पूर्व भाग पर भैरवनाथ जी की पाषाण मूर्तियां हैं और करीब 50 मीटर उत्तर-पश्चिम की ओर शंकराचार्य की समाधि है। *♿#हरहर_महादेव_शिवशंभू♿* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱

Comments (1)

Rama Devi Sahu
Aug 11, 2026
🙏 हर हर महादेव ॐ नमः शिवाय। 🙏 🙏श्री लिङ्गाष्टकम् ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम्। जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥१॥ देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहनकरुणाकरलिङ्गम्। रावणदर्पविनाशनलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥२॥ सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गं बुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम्। सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥३॥ कनकमहामणिभूषितलिङ्गं फणिपतिवेष्टितशोभितलिङ्गम्। दक्षसुयज्ञविनाशनलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥४॥ कुङ्कुमचन्दनलेपितलिङ्गं पङ्कजहारसुशोभितलिङ्गम्। सञ्चितपापविनाशनलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥५॥ देवगणार्चितसेवितलिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम्। दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥६॥ अष्टदलोपरिवेष्टितलिङ्गं सर्वसमुद्भवकारणलिङ्गम्। अष्टदरिद्रविनाशनलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥७॥ सुरगुरुसुरवरपूजितलिङ्गं सुरवनपुष्पसदार्चितलिङ्गम्। परात्परं परमात्मकलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्॥८॥ 🙏🕉🙏 लिङ्गाष्टकमिदं पुण्यं यः पठेच्छिवसन्निधौ। शिवलोकमवाप्नोति शिवेन सह मोदते॥ हम सदाशिव को प्रणाम करते हैं जिनकी की देवता और श्रेष्ठ मुनि पूजा करते हैं, जो कामदेव का दहन करने वाले तथा करुणामय हैं, और जिन्होंने रावण के अहंकार का विनाश किया। हर हर महादेव! 🔱🙏🕉 🙏🌹🙏🌹🕉 शुभ श्रावण आप सभी को जी 🙏
