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शुभ प्रभात जी 🙏🙏🌹🚩🇮🇳 आपका दिन मंगलमय हो कविता:* भगत सिंह वो आवाज़ जो कभी धुंधली नहीं होती... भगत सिंह हर निडर पुकार में जीता है हर उस आवाज़ में जो सवाल करती है और झुकती नहीं है उन जलते दिलों में जो सच की राह ढूंढते हैं वो लौ को राह नहीं दिखाता, वो खुद रौशनी है सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि खड़े होने का आह्वान है सत्य के लिए, न्याय के लिए, इस धरती के लिए क्योंकि भगत सिंह सिर्फ हाड़-मांस और नाम नहीं थे वो एक क्रांति बन गए, एक अमर ज्योति।

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