
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
308 days ago
*💫🌹 शुभ रात्रि 🌹💫* *🌹मैंने हर रोज जमाने को रंग बदलते देखा है उम्र के साथ जिंदगी को ढंग बदलते देखा है वो जो चलते थे तो शेर के चलने का होता था गुमान उनको भी पाँव उठाने के लिए सहारे को तरसते देखा है जिन की नजरों की चमक देख सहम जाते थे लोग उन्ही नजरों को बरसात की तरह रोते देखा है जिनके हाथों के जरा से इशारे से टूट जाते थे पत्थर उन्ही हाथों को पत्तों की तरह थर थर काँपते देखा है जिनकी आवाज़ से कभी बिजली के कड़कने का होता था भ्रम उनके होठों पर भी जबरन चुप्पी का ताला लगा देखा है ये जवानी ये ताकत ये दौलत सब ख़ुदा की इनायत है इनके रहते हुए भी इंसान को बेजान हुआ देखा है अपने आज पर इतना ना इतराना मेरे यारों वक्त की धारा में अच्छे अच्छों को मजबूर हुआ देखा है कर सको तो किसी को खुश करो दुःख देते तो हजारों को देखा है* *🌹"बुद्धिमान" कौन है जो सबसे कुछ"सीख"लेता है "शक्तिशाली"कौन है जिसका अपनी"इच्छाओं"पर नियंत्रण है"सम्मानित" कौन है जो दूसरों का "सम्मान" करता है और "धनवान"कौन है जो अपने पास है उससे ही "प्रसन्न" है!* *💫🌹जय श्री राम🌹💫* *💫🌹 शुभ रात्रि 🌹💫*

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