
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
73 days ago
जय लक्ष्मी नारायण। शुभ रात्रि जी ईश्वर की कृपा आप पर सदा बनी रहे। ### आज का रात्रि चिंतन: "स्वयं की शांति" आज की व्यस्तता और भागदौड़ के बाद, रात्रि का यह समय स्वयं के साथ जुड़ने का सबसे उत्तम अवसर है। आइए, इन विचारों के साथ आज का विश्राम करें: * **स्वीकार्यता (Acceptance):** आज जो कार्य पूर्ण हुए, उनके लिए संतोष करें और जो अधूरे रह गए, उन्हें ईश्वर पर छोड़ दें। कल एक नया सवेरा होगा, नई ऊर्जा के साथ। * **कृतज्ञता (Gratitude):** सोने से पूर्व उन तीन छोटी-छोटी चीजों को याद करें जिनके लिए आप आज आभारी हैं। कृतज्ञता मन को शांत और चित्त को प्रसन्न करती है। * **मुक्त होना (Letting Go):** दिन भर की नकारात्मक बातें, किसी की कही कड़वी बातें या व्यर्थ की चिंताएं—इन्हें बिस्तर पर ले जाने का कोई अर्थ नहीं है। मान लीजिए कि वे बातें आज के साथ ही समाप्त हो गईं। * **पूर्ण समर्पण:** लक्ष्मी-नारायण का स्मरण करते हुए यह भाव मन में लाएं कि आप सुरक्षित हैं, समर्थित हैं और सब कुछ सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। > **आज का विचार:** "शांत मन ही सुख का आधार है। यदि हम अपने भीतर शांति की नींव रख लें, तो बाहर की कोई भी हलचल हमें विचलित नहीं कर सकती।" > प्रभु आपकी रात्रि को मंगलमय, शांत और आरामदायक बनाएं। शुभ रात्रि।

Comments (1)

Pannalal panchal
Jun 18, 2026
जय लक्ष्मी नारायण
