
SHREE SHARMA
224 days ago
जग होते रवि अवतरित, अनुभव करते आप। फैले जगत प्रकाश भी, भक्त रहे चुपचाप।। देह जलाये भागते, करते प्रभु का जाप। सुहावना मौसम करें, दूर हटे संताप।। प्रेम प्रकट करते तभी जल अर्पण कर पाँव। सुख मिलता अत्यंत भी, घिर आती जब छाँव।। बजे सवेरे शान से, रजत शंख घड़ियाल। प्रातकाल शुभ आरती, मंत्र सुनाए लाल।। यति गति यश उत्पत्ति नव, प्रीति रीति उत्कर्ष। भजन करें मंदिर सतत, हर्ष मिले नव वर्ष।।

Comments (2)

Mayank S
Jan 18, 2026
Om Surya devay 🌞🙏 good afternoon bhaiya ji 🙏

Radhe Radhe
Jan 18, 2026
‼️गुड मॉर्निंग सुप्रभात, रविवार, सुबह एवं मौनी अमावस्या की हार्दिक शुभकामनाएं।।‼️
