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Rama Devi Sahu

348 days ago

🙏‼️ Jai Shree Ram 🙏 Jai Siya Ram 🙏 Jai Bajrangbali Hanuman ‼️🙏 Dt.16.09.2025 (Tuesday) ************************* ।। जय श्री राम जय बजरंगबली हनुमानजी ।। भगवान राम और हनुमानजी के पावन व पवित्र रिश्ते को कौन नहीं जानता। रामजी की ओर अपनी भक्ति भावना के लिए हनुमानजी ने अपना सारा जीवन त्याग दिया था और कभी भी विवाह ना करने का निश्चय किया था लेकिन आज हमारे सामने एक ऐसा तथ्य आया है जिसे सुन आप चौंक जाएंगे। हनुमानजी को हमेशा से ‘बाल ब्रह्मचारी’ के शब्द से जोड़ा गया है क्योंकि उन्होंने कभी भी शादी नहीं की। फिर कैसे हनुमानजी का पुत्र हुआ ? क्या वास्तव में हनुमानजी का पुत्र था ? हनुमानजी को ‘राम नाम’ की लगन लग गई थी और वो सुबह से लेकर रात तक केवल ‘राम’ नाम का जाप किया करते थे जिस कारण उन्होंने शादी ना करने का फैसला ले लिया पर इसके बावजूद भी हनुमानजी का पुत्र हुआ जिसका नाम मकरध्वज था। वाल्मीकि जी ने रामायण में लिखा है कि युद्ध के दौरान रावण की आज्ञानुसार अहिरावण राम-लक्ष्मण का अपहरण कर उन्हें पातालपुरी ले गया जिसके बाद रावण के भाई विभीषण ने यह भेद हनुमानजी के समक्ष प्रकट किया कि भगवान राम और लक्ष्मण को कहां ले जाया गया है। तब राम-लक्ष्मण की सहायता करने लिए हनुमानजी पातालपुरी पहुंचे। जैसे ही हनुमानजी पाताल के द्वार पर पहुंचते हैं तो उन्हें एक वानर दिखाई देता है, जिसे देख वो हैरत में पड़ जाते हैं और उस मकरध्वज नामक वानर से परिचय देने को कहते हैं। मकरध्वज अपना परिचय देते हुए बोलते हैं कि ‘मैं हनुमान पुत्र मकरध्वज हूं और पातालपुरी का द्वारपाल हूं।’ मकरध्वज का परिचय सुनकर हनुमानजी क्रोधित होकर कहते हैं कि ‘यह तुम क्या कह रहे हो ? मैं ही हनुमान हूं और मैं बाल ब्रह्मचारी हूं, फिर भला तुम मेरे पुत्र कैसे हो सकते हो ?' हनुमानजी का परिचय पाते ही मकरध्वज उनके चरणों में गिर गए और हनुमानजी को प्रणाम कर अपनी उत्पत्ति की कथा सुनाई। मकरध्वज, हनुमानजी को देखते हुए कहते हैं ‘जब आपने अपनी पूंछ से रावण की लंका दहन की थी, उसी दौरान लंका नगरी से उठने वाली ज्वाला के कारण आपको तेज पसीना आने लगा था। पूंछ में लगी आग को बुझाने के लिए आप समुद्र में पहुंच गए तब आपके शरीर से टपकी पसीने की बूंद को एक मछली ने अपने मुंह में ले लिया जिस कारण मछली गर्भवती हो गई। कुछ समय बाद पाताल के राजा और रावण के भाई अहिरावण के सिपाही समुद्र से उस मछली को पकड़ लाए। मछली का पेट काटने पर उसमें से एक मानव निकला जो वानर जैसा दिखता था और वो वानर मैं ही था पिता जी! बाद में जाकर सैनिकों ने मुझे पाताल का द्वारपाल बना दिया। 🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀

Comments (6)

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩

Sep 16, 2025

ATI SUNDAR MANMOHAK AAKARSHAK PRASTUTI 👌🚩 APAR SAHARANIYE BEHAD PRASASNIYE PRASTUTI 👌🚩🙏🙏🌹🎄

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩

Sep 16, 2025

MANGAL BHAWAN H MANGAL HARI,, DRIVY US DASHRATH AJRA BIHARI,, DINDAYAL VIREDU SAMBHARI HAREU NATH SANKAT BHARI JAI SHREE RAM JAI HANUMAN AASHIRWAD KRP SADEV BANA RAHE 🌹🥀🎄♥️♥️🎄🥀🌹

Radhe Radhe

Radhe Radhe

Sep 16, 2025

🌹🌹 जय श्री राम जय सियाराम जय बजरंगबली हनुमान।।√√👌गुड आफ्टरनून शुभ दोपहर मंगलवार की हार्दिक शुभकामनाएं।। जी बहन जी।। ््््््ॐ जय श्री राम जय बजरंगबली।। हनुमान जी की कृपा आप पर सदैव बनी रहे।।🌹 बहुत ही अच्छी पोस्ट *लाइन* कोट्स !!!!जी बहन जी!!!! धन्यवाद जी इतनी अच्छी पोस्ट करने के लिए ।।🌹

Radhe Radhe

Radhe Radhe

Sep 16, 2025

,🙏🙏🙏🙏🙏

SHREE SHARMA

SHREE SHARMA

Sep 16, 2025

अति उत्तम 🙏🌹🙏

प्रेम कुमार

प्रेम कुमार

Sep 16, 2025

🌹 जय श्री राम 🌹 जय वीर हनुमान 🌹🌹 शुभ प्रभात वंदन आप का दिन मंगलमय हो बहना 🌹