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*()(. = .)()* *<>’ ) )’<>* *(,,,)’ ‘(,,,)* ╰ ======☛जय.श्री.गणेश.li ”वक्रतुण्ड महाकाय सुर्यकोटि समप्रभ निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा” _ॐ गण गणपतये नमः जय श्री गौरी नंदन .सुप्रभात_ भगवान श्री गणेश जी आपको और आपके परिवार को सुख शांति और उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें। . दोस्तों.li , धर्म और अधर्म का निर्णय करने में लोग लाखों करोड़ों वर्षों से लगे हैं, फिर भी बहुत कम लोगों को इन दोनों का अंतर समझ में आता है। ऋषियों ने ऐसा बताया है कि जो केवल धन कमाने और सांसारिक सुखों को भोगने में ही डूबे हुए हैं, जिनका हृदय शुद्ध पवित्र नहीं है, जो झूठ छल कपट के सहारे ही अपना जीवन चलाते हैं, उनको धर्म समझ में नहीं आता। भले ही वे कितने ही पढ़े लिखे शक्तिशाली और धन आदि संपन्न भी क्यों न हों, जैसे दुर्योधन और रावण आदि। ईश्वर ऐसे अधर्मी लोगों को पसंद नहीं करता, और उनकी बात पर ध्यान नहीं देता। जिनका हृदय पवित्र एवं निर्दोष होता है जो ईमानदारी और सच्चाई से अपना जीवन जीते हैं, सभ्य विनम्र सदाचारी परोपकारी और सबके रक्षक होते हैं, ऐसे लोगों को ही धर्म समझ में आता है। वे ईश्वर से जब प्रार्थना करते हैं, तो उनकी प्रार्थना ईश्वर शीघ्र सुनता और सहायता भी करता है। जैसे श्री राम चंद्र जी महाराज, श्री कृष्ण जी महाराज, तथा अन्य वैदिक ऋषि लोग। आप भी यदि ईश्वर से सहायता लेना चाहते हों, तो अपने हृदय को शुद्ध पवित्र बनाएं। सच्चाई और ईमानदारी से अपना जीवन जीएं। ईश्वर आपकी भी बात जल्दी सुनेगा। क्योंकि सच्चाई और ईमानदारी से जीवन जीना ही धर्म है। ईश्वर धर्म का पालन करने वालों की बात जल्दी सुनता है। अधर्मी लोगों की नहीं। यही उनके लिए ईश्वर की ओर से दंड है, क्योंकि वे ईश्वर के बनाए संविधान का पालन नहीं करते। |('}_, |(_/\\_ ""🙋🏻‍♂️श्री.परशुराम.li

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