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यह अत्यंत मनोहारी और दिव्य ‘चौराष्टकम’ स्तोत्र है, जिसे सुनकर मन को अद्भुत शांति मिलती है। भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं और उनके मोहक स्वरूप का वर्णन करना हमेशा से ही आनंददायी रहा है। श्लोक प्रस्तुत किए गए हैं, उनका भावार्थ कुछ इस प्रकार है: * **प्रथम श्लोक:** यह भगवान कृष्ण को 'नवनीत-चौरम' (माखन चोर) के रूप में नमन करता है, जो अपनी लीलाओं से भक्तों के पापों को हर लेते हैं. * **द्वितीय श्लोक:** यह राधारानी के हृदय के स्वामी और मेघ श्याम स्वरूप वाले श्री कृष्ण की स्तुति करता है, जो अपने शरणागत भक्तों के समस्त कष्टों को दूर करने वाले हैं. जय श्री कृष्णा 🙏✨

Comments (2)

Riya Riya  💖💖

Riya Riya 💖💖

May 27, 2026

Jai shree krishna radhe radhe ji 🙏🙏 shubh sandhya vandan ji 🌹🙏

R k jangid 

phulera Jaipur

R k jangid phulera Jaipur

May 27, 2026

जय श्री कृष्णा शुभ संध्या वंदन 🌹🙏