
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
193 days ago
*नकारात्मक शक्तियां* बहुत से ऐसे कारण होते हैं जिसकी वजह से हमारे जीवन में और हमारे घर में नकारात्मक शक्तियां ज्यादा बलशाली हो जाती है। कुछ जन्म कुंडली के दोष होते हैं जैसे-: की पिशाच दोष, गुरु चांडाल दोष, पितृ दोष, शापित दोष, कालसर्प दोष इत्यादि जिसकी वजह से भी हमारे जीवन में बड़ी परेशानियां बनी रहती है। तो कुछ घर के वास्तु में दोष होते हैं। लेकिन बहुत कुछ हमारी गलत आदतें और गलत व्यवहार की वजह से भी नकारात्मक शक्तियां ज्यादा प्रभावशाली हो जाती है। और जिसके परिणाम स्वरूप रोज़ पूजा-पाठ, चालीसा, हवन इत्यादि करने के बाद भी घर में अशांति, बीमारी या झगड़े बने रहते हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह हो सकती है कि आपकी पूजा की ऊर्जा देवताओं तक न पहुँचकर किसी नकारात्मक शक्ति द्वारा ग्रहण कर ली जा रही है। जिसके परिणाम स्वरूप आपके घर में आपके जीवन में समस्याएं बनी रहती है।आइए, इस पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझते हैं-: *जिस घर में नकारात्मक ऊर्जा ज्यादा होती है उस घर में अचानक हानि, रोग, क्लेश, दुख का वातावरण, आर्थिक परेशानी, संतान व विवाह में बाधा बनी रहती है। नकारात्मक ऊर्जा के कुछ विशेष कारण आईए जानते हैं-:* * यदि आपकी जन्म कुंडली में कोई बड़े दोष हैं तो उसकी वजह से भी आपके जीवन में नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव ज्यादा हो सकता है। * जिस घर का वास्तु दोष बहुत ज्यादा खराब है उसे घर में भी नकारात्मक शक्तियां बढ़ सकती है। *लेकिन इसे भी ज्यादा सबसे बड़ी बात यह है कि हम अपने खराब आदतों एवं लापरवाही से भी नकारात्मक शक्तियों को घर में प्रवेश का निमंत्रण दे देते हैं।आईए जानते हैं इसके मुख्य कारण-:* * कुल देवी देवताओं का दोष-: जब हम घर में कुल देवी देवताओं का मान सम्मान नहीं करते तो हमारे घर में नकारात्मक शक्तियों बढ़ने लग जाती है। * जिस घर में शास्त्रोंक्त नियमों का पालन नहीं होता उस घर में भी नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव ज्यादा होता है। * जिस घर में बहन, बेटियों भांजा, भांजियों का सम्मान नहीं होता उस घर में पितृ दोष बन जाता है, जिसकी वजह से घर में किसी ने किसी रूप से नुकसान होता रहता है नकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। * जिस घर में प्रतिदिन गाय के खाने के लिए कुछ निकलता नहीं है, उस घर में भी नकारात्मक शक्तियां बढ़ने लग जाती है। * जिस घर में बुजुर्गों का, अतिथियों का, आगंतुकों का, बहन- बेटियों का मान सम्मान नहीं होता उस घर में भी नकारात्मक शक्तियों का वास बढ़ जाता है। * जो घर अवस्थित होता है जिसका इंटीरियर वास्तु खराब होता है उस घर में भी बड़े दोष बन जाते हैं। जैसे-:गलत जगह किचन, पूजा घर का होना/ टॉयलेट बाथरूम का गलत जगह होना/ जल इत्यादि की बर्बादी होना/ गलत जगह घर में मंदिर होना/ मंदिर के अंदर फालतू वस्तुएं रखना/ घर में संध्या वंदन नहीं होना/ घर में तुलसी पौधे, फूल पौधे इत्यादि का अभाव होना/ घर में कपड़े जूते चप्पल अस्त-व्यस्त पड़े रहना/ घर में सफाई नहीं होना/ घर में टूटा-फूटा कबाड़, पुरानी खराब मशीने, खराब घड़ियां, टूटे शीशे, इत्यादि का होना। यह सब भी नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं। *ये हमारे घर की सुरक्षा की पहली लाइन होते हैं-:* * मुख्य दरवाजे पर विधिवत रूप से बने हुए स्वास्तिक जैसे शुभ चिन्ह हमारे घर के अंदर नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश को रोकते हैं।। * घर के दरवाजे पर रखे हुए तुलसी पौधे जैसे पवित्र पेड़ों के गमले भी हमारे घर के अंदर नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश को रोकते हैं। * जिस घर में घर की बहन- बेटी- भांजा- भांजियों का सम्मान होता है उस घर के पितृ प्रसन्न रहते हैं। और उस घर की रक्षा करते हैं। * जिस घर में कुल देवी - देवता, कुलभैरव, ग्राम देवता- वास्तु देवता- वरुण(जल)देवता- पंचतत्व देवता इत्यादि का सम्मान होता है उस घर में भी नकारात्मक ऊर्जा घर की चौखट के अंदर प्रवेश नहीं करती। * घर के अंदर नियमित संध्या वंदन होने से भी घर में नकारात्मक ऊर्जाओं का प्रवेश नहीं होता। * कपूर, लोंग, गूगल, धूप, शुद्ध घी का दीपक इत्यादि का प्रयोग उचित समय पर किया जाए तो भी घर की ऊर्जा सकारात्मक बनी रहती है// 🕉️

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