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*पृथ्वी पर सात ऐसे महान आत्माएं हैं जिन्हें मृत्यु स्पर्श नहीं कर सकती* *बहुत समय पहले देवताओं, ऋषियों और महान योद्धाओं के युग में एक रहस्य प्रचलित हुआ। कहा जाता है कि पृथ्वी पर सात ऐसे महान आत्माएं हैं जिन्हें मृत्यु स्पर्श नहीं कर सकती। इन्हें सप्त चिरंजीवी कहा गया। मान्यता है कि वे आज भी किसी न किसी रूप में इस संसार में मौजूद हैं और धर्म की रक्षा कर रहे हैं। महाभारत के युद्ध के बाद जब सब कुछ समाप्त हो गया, तब एक दुखद घटना घटी। द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा ने क्रोध और प्रतिशोध में एक बड़ा अधर्म कर दिया। भगवान कृष्ण ने उन्हें श्राप दिया कि वे युगों तक पृथ्वी पर भटकेंगे, अपने कर्मों का फल भोगेंगे और लोगों को धर्म-अधर्म का अंतर याद दिलाएंगे। दूसरे थे महान राजा बलि। वे इतने दानी और सत्यवादी थे कि उनके द्वार से कोई खाली हाथ नहीं लौटता था। एक दिन भगवान विष्णु वामन अवतार लेकर आए और तीन कदम भूमि मांगी। राजा बलि ने वचन निभाया। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें अमर रहने का वरदान दिया। फिर आते हैं महर्षि वेदव्यास, जिन्होंने वेदों का संकलन किया और महाभारत की रचना की। कहा जाता है कि वे ज्ञान की ज्योति बनकर आज भी संसार का मार्गदर्शन कर रहे हैं।* *हनुमान जी को भगवान श्रीराम ने वरदान दिया कि जब तक संसार में राम नाम रहेगा, तब तक वे पृथ्वी पर रहेंगे। विभीषण ने सत्य और धर्म का साथ दिया, इसलिए उन्हें भी लंबी आयु का आशीर्वाद मिला। कृपाचार्य महान गुरु थे, जिन्हें अमरत्व का वरदान प्राप्त हुआ। वहीं भगवान परशुराम, जो विष्णु के अवतार माने जाते हैं, आज भी तपस्या में लीन बताए जाते हैं और कहा जाता है कि भविष्य में वे कल्कि अवतार को शिक्षा देंगे। तभी से यह मान्यता है कि ये सात अमर आत्माएं आज भी पृथ्वी पर हैं। कोई उन्हें पर्वतों में खोजता है, कोई जंगलों में, और कोई मंदिरों में महसूस करता है। उनकी कथा लोगों को यह संदेश देती है कि शक्ति, ज्ञान और धर्म कभी नष्ट नहीं होते।*

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Comments (2)

Srikumar  महाराज🇮🇳☸️

Srikumar महाराज🇮🇳☸️

Jun 8, 2026

कैलाश पार्वती में निवास करते हैं 7 चिरंजीवी भर नहीं आते 2027 में उनके दर्शन होंगे विश्व युद्ध 3 से पहले जय महाकाल 🙏

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Jun 8, 2026

or Ek Markendey Rishi...Gyan ke liye...✍️ ye hai Aath (8) Mahan Vyakti Kaliyug ki liye Vardaan Prapt huye Hai...! Bahut hi Sundar Upasthapana 👌👌 Dhanyawad 🙏 Shubha Sandhya Vandan Ji 🙏