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🛕꧁ जय द्वारकाधीश꧂🛕 जब गणपति ने निगल लिया अग्नि उगलने वाला महादानव! रहस्य दूर्वा का... 🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️ क्या आप जानते हैं कि भगवान श्री गणेश को एक साधारण सी 'दूर्वा' (हरी घास) इतनी प्रिय क्यों है? इसके पीछे एक ऐसा भयंकर युद्ध और रहस्य छिपा है, जिसे बहुत कम लोग जानते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार 'अनलसुर' नाम का एक अत्यंत भयंकर असुर उत्पन्न हुआ। उसकी आँखों से ऐसी विनाशकारी अग्नि निकलती थी जो पल भर में सब कुछ भस्म कर देती थी। उसके आतंक से देवता, ऋषि-मुनि और मनुष्य त्राहि-त्राहि कर उठे। स्वर्ग के राजा इंद्र का वज्र भी उस महादानव के सामने विफल हो गया। तब सभी ने विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की शरण ली। युद्ध के मैदान में जब अनलसुर ने अपनी भयंकर अग्नि छोड़ी, तो गणपति ने अपना विराट रूप धारण किया और उस अग्नि उगलते दानव को जीवित ही निगल लिया! दानव का अंत तो हो गया, परंतु श्री गणेश के शरीर में भयंकर जलन उत्पन्न हो गई। तीनों लोकों का शीतल जल और चंदन भी उनके शरीर की तपन शांत न कर सका। तब कश्यप आदि ऋषियों ने 'दूर्वा' (हरी घास) की २१ गाठें श्री गणेश के मस्तक पर रखीं। उस साधारण सी दूर्वा ने पल भर में भगवान की सारी जलन शांत कर दी। आज का विशेष: जो भक्त बुधवार को बप्पा को २१ दूर्वा अर्पित करता है, उसके जीवन की हर विपत्ति और मानसिक ताप (तनाव) शांत हो जाता है। *🔱शिव.शिव.शिव.शिव.शिव.li 🔱* 🔱शिव.शिव.शिव.शिव.li 🔱 *🔱शिव.शिव.शिव.li 🔱*

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