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सोम प्रदोष व्रत - आध्यात्मिक लाभ और पूजा-विधि 🕉️ सोम प्रदोष व्रत, आज चैत्र मास में 16 मार्च 2026 को पड़ रहा है, यह दिन भगवान शिव और देवी पार्वती की कृपा प्राप्त करने का दिव्य अवसर है। इस विशेष दिन के लाभों को समझना और सही विधि से पूजा करना आवश्यक है। पूजन विधि: 1. स्नान और स्वच्छता: प्रातःकाल स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 2. व्रत का संकल्प: भगवान शिव के समक्ष व्रत का संकल्प लें। 3. शिवलिंग अभिषेक: दूध में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। 4. मंत्र जाप: 'ॐ सों सोमाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। 5. बेलपत्र अर्पण: सफेद चंदन से 'राम' लिखकर बेलपत्र शिवलिंग पर चढ़ाएं। आध्यात्मिक लाभ: - भगवान शिव की कृपा से मानसिक शांति और समस्त कष्टों से मुक्ति। - चंद्र दोष से मुक्ति और मानसिक तनाव में कमी। इस सोम प्रदोष व्रत को विधिपूर्वक करके शिव-पार्वती की अनुकंपा प्राप्त करें, शांति और समृद्धि आपके जीवन में प्रवेश करेगी। प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा शाम के समय सूर्यास्त से 45 मिनट पूर्व और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक की जाती है।

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