
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
330 days ago
पहली कथा: शनिदेव की मुक्ति और मित्रता त्रेतायुग में अहंकारी रावण ने अपनी शक्ति के बल पर सभी ग्रहों को बंदी बना लिया था, जिसमें शनिदेव भी शामिल थे। जब हनुमान जी सीता माता की खोज में लंका गए, तो उन्होंने देखा कि शनिदेव कैद हैं। हनुमान जी ने शनिदेव को रावण के चंगुल से मुक्त कराया। शनिदेव ने हनुमान जी का धन्यवाद किया और हनुमान भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखने का वचन दिया। इसी घटना के बाद से हनुमानजी और शनिदेव परम मित्र बन गए और शनिदेव के भक्तों पर उनके प्रकोप का असर नहीं होता। जय शनि देव महाराज 🙏
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