
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
167 days ago
हिंदू नव वर्ष (विक्रम संवत 2083) की शुरुआत इस साल 19 मार्च 2026, गुरुवार से हो रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना शुरू की थी। इस वर्ष को 'रौद्र' संवत्सर के नाम से जाना जाएगा। मुख्य जानकारी और शुभ मुहूर्त: * प्रारंभ तिथि: 19 मार्च 2026 (चैत्र शुक्ल प्रतिपदा) * तिथि शुरू: 19 मार्च को सुबह 06:52 AM से। * तिथि समाप्त: 20 मार्च को सुबह 04:52 AM पर। * कलश स्थापना (घटस्थापना) मुहूर्त: सुबह 06:52 AM से 10:10 AM के बीच करना अत्यंत शुभ रहेगा। * अभिजीत मुहूर्त: अगर सुबह चूक जाएं, तो दोपहर 11:47 AM से 12:36 PM तक भी पूजा की जा सकती है। इस वर्ष के विशेष संयोग: * राजा और मंत्री: इस साल नव वर्ष गुरुवार से शुरू हो रहा है, इसलिए इस वर्ष के राजा बृहस्पति (गुरु) होंगे और मंत्री मंगल देव होंगे। * 13 महीनों का साल: विक्रम संवत 2083 में 'अधिक मास' (मलमास) लग रहा है, जिसके कारण यह साल 12 के बजाय 13 महीनों का होगा। ज्येष्ठ का महीना इस बार दो बार आएगा। आपको हिन्दू नव वर्ष (विक्रम संवत 2083) की हार्दिक शुभकामनाएँ! 🚩 यह नव संवत्सर आपके और आपके परिवार के लिए सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए। चैत्र नवरात्रि के इस पावन अवसर पर जगत जननी माँ दुर्गा की कृपा आप पर सदैव बनी रहे। इस नव वर्ष की कुछ खास बातें: * विक्रम संवत 2083: यह अंग्रेजी कैलेंडर से 57 वर्ष आगे चलता है। * प्रकृति का स्वागत: यह समय वसंत ऋतु का होता है, जब प्रकृति स्वयं नए पत्तों और फूलों के साथ नव वर्ष का स्वागत करती है। * सांस्कृतिक महत्व: आज ही के दिन मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ था और इसी दिन से चैत्र नवरात्रि का आरंभ भी होता है।
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