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17.3.2026 आजकल लोग भागे जा रहे हैं। बहुत तेजी से भागे जा रहे हैं। सबको जल्दी है। *"परन्तु अधिकांश लोगों को यह पता नहीं है, कि जाना कहां है? लक्ष्य क्या है? लक्ष्य की सही दिशा कौन सी है? इस विषय में लोग लगभग नहीं जानते।"* अतः केवल भागने से काम नहीं बनेगा। अर्थात केवल *"गति"* पर ध्यान न दें। *"गति पकड़ने से पहले यह विचार करें कि किस दिशा में जाएं? जिस दिशा में लक्ष्य हो, उस दिशा में गति पकड़ें। सही लक्ष्य की ओर गति पकड़ें। गति भले ही कुछ कम हो। इसको "प्रगति" कहते हैं।"* सही लक्ष्य है, *"सब दुखों से छूटना और ईश्वर का उत्तम आनन्द प्राप्त करना."* यह सही लक्ष्य है। इस दिशा में गति पकड़नी चाहिए। *"अतः पहले सही लक्ष्य और सही दिशा का चुनाव करें, फिर गति पकड़ें। तब "प्रगति" होगी। तभी आपका जीवन सुखमय बनेगा और आगे चलकर आपको सफलता मिलेगी, अन्यथा नहीं।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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