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*📜 15 मार्च 📜* *🎀 योजना आयोग // स्थापना दिवस 🎀* योजना आयोग एक गैर संवैधानिक, गैर वैधानिक, तकनीकी निकाय भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद, नियोजन का एक औपचारिक मॉडल अपनाया गया और तदनुसार, भारत के प्रधानमंत्री को सीधे रिपोर्ट करने वाले योजना आयोग की स्थापना 15 मार्च 1950 को की गई, जिसके अध्यक्ष प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू थे। जिसकी स्थापना 15 मार्च 1950 में भारत में आर्थिक नियोजन के उद्देश्य से की गई थी। इसके पदेन अध्यक्ष प्रधानमंत्री थे। इस आयोग में एक उपाध्यक्ष और केन्द्रीय मंत्रिमंडल से 6 पदेन सदस्य होते थे। 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग को औपचारिक रूप से समाप्त करके इसके स्थान पर नीति आयोग की स्थापना की गई। *>> योजना आयोग की जगह नीति आयोग क्यों बना? <<* स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए एक महत्वपूर्ण घोषणा के द्वारा, केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग की जगह नीति आयोग (बदलते भारत के लिए राष्ट्रीय संस्थान) की स्थापना की। ऐसा हितधारकों जिसमें राज्य सरकारें, विषय विशेषज्ञों और प्रासंगिक संस्थान शामिल थे, के बीच व्यापक विचार विमर्श के बाद किया गया है। नीति आयोग का चेयरमैन भी योजना आयोग की तरह ही प्रधानमंत्री ही हैं। अरविंद पनगढ़िया को इसका पहला वाईस चेयरमैन बनाया गया है। इसकी स्थापना यूएसएसआर (भूतपूर्व सोवियत संघ) की तर्ज पर देश में पांच योजनाएं बनाने के लिए परामर्श दात्री संस्थान के तौर पर 15 मार्च 1950 को हुई थी। *>> योजना आयोग के कार्य <<* • देश के भौतिक, पूंजीगत और मानव संसाधनों का अनुमान लगाना। • मानव संसाधन के कुशल एवं संतुलित उपयोग हेतु योजना तैयार करना। • योजना के विभिन्न चरणों का निर्धारण करना और प्राथमिकता के आधार पर संसाधनों के आवंटन का प्रस्ताव देना। *>> नीति आयोग: एक परिचय <<* नीति आयोग का गठन "विकास प्रक्रिया में महत्वपूर्ण मार्गदर्शक एवं रणनीतिक इनपुट प्रदान" करने के लिए किया गया है। यह एक "थिंक टैंक" की तरह काम करेगा और नीतिगत मामलों में केंद्र और राज्यों को परामर्श देगा। अंतर– मंत्रालयी सहयोग और केंद्र–राज्य समन्वय (सहकारी संघवाद) को बेहतर कर यह आयोग नीतियों की धीमी और मंद कार्यान्वयन को समाप्त करना चाहता है। प्रधानमंत्री इसके पदेन अध्यक्ष हैं और वर्तमान में नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. सुमन के. बेरी (Dr. Suman K. Bery) हैं। उन्होंने 1 मई 2022 को यह कार्यभार संभाला था, जिसके बाद वे देश के प्रमुख थिंक टैंक के प्रमुख अर्थशास्त्री के रूप में कार्य कर रहे हैं। जबकि मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) श्री निधि छिब्बर हैं। *>> नीति आयोग के कार्य <<* राष्ट्रीय लक्ष्यों के आलोक में राज्यों की सक्रिए भागीदारी के साथ राष्ट्रीय विकास प्राथमिकता क्षेत्रों और रणनीति का साझा दृष्टिकोण विकसित करना। निरंतर आधार पर राज्यों के साथ संरचित समर्थन पहलों और तंत्रों के माध्यम से सहकारी संघवाद को बढ़ावा देना। इस बात को स्वीकारना की मजबूत राज्य, मजबूत राष्ट्र का निर्माण करता है। गांव स्तर पर विश्वसनीय योजना तैयार करने और सरकार के उच्च स्तर पर उत्तरोत्तर इनको एकत्र करने के लिए तंत्र विकसित करना। यह सुनिश्चित करना कि जो क्षेत्र खास तौर पर नीति आयोग को दिए गए हैं, उनमें आर्थिक रणनीति और नीतियों में राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों को शामिल किया गया है। हमारे समाज के कुछ वर्गों, जिन पर आर्थिक प्रगति से पर्याप्त रूप से लाभान्वित न होने के का खतरा हो, पर विशेष ध्यान देना। रणनीतिक और दीर्धकालिक नीति एवं कार्यक्रम की रूपरेखा और पहलों का डिजाइन तैयार करना और उनकी प्रगति एवं प्रभावकारिता पर नजर रखना। निगरानी और प्रतिक्रिया से मिली सीख का प्रयोग बीच में किए जाने वाले अनिवार्य सुधारों समेत नए सुधारों में किया जाएगा। *>> नीति आयोग ने योजना आयोग का स्थान क्यों लिया <<* नीति आयोग के समर्थकों का कहना है कि, योजना आयोग के विपरीत, नीति आयोग, एक थिंक टैंक या मंच के तौर पर अधिक काम करेगा। योजना आयोग, पंचवर्षीय योजना बनाता था और आर्थिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए संसाधनों का आवंटन करता था।

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