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*कृष्णपिङ्गल संकष्टी चतुर्थी व्रत आज* ========================= *1. आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को भगवान गणेश के कृष्णपिंगल स्वरूप की पूजा होती है, इस दिन को "कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी" कहा जाता है.* इस दिन व्रत करने वालों को हर दिशा में सफलता और समृद्धि प्राप्त होती है. *2.* इस दिन *आषाढ़ कृष्ण पक्ष की कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी 3 जुलाई 2026 को सुबह 11.20 पर शुरू होगी और अगले दिन 4 जुलाई 2026 को दोपहर 12,39 पर समाप्त होगी.* *3. ये व्रत चंद्रमा की पूजा से जुड़ा है और पंचांग अनुसार चतुर्थी तिथि में चंद्रमा की पूजा का समय 3 जुलाई को है,* इसलिए व्रत इसी दिन रखा जाएगा. चंद्र पूजन के बाद ही व्रत पूरा माना जाता है. *4. 3 जुलाई को कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी तिथि का चंद्रमा रात 09.53 पर उदय होगा.* *5. संकष्टी चतुर्थी के दिन भद्रा सुबह में 05:28 से सुबह 11:20, इसका वास पाताल लोक में है. इसमें पूजा पाठ हो सकती है. गणपति पूजन में भद्रा अवरोध नहीं बनेगी.* *6. संकष्टी चतुर्थी व्रत के दिन व्रती प्रातः काल स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें. उसके बाद पापनाशक श्री गणेश जी की पूजा करें. पूजा के दौरान श्री गणेशजी को तिल, गुड़, लड्डू, दूर्वा और चंदन अर्पित करें तथा मोदक का भोग लगाएं. आरती करें और चंद्रमा को अर्घ्य दें l* *🙏🏻🌹ॐ श्री गणेशाय नमः 🌹🙏🏻*

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