
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
145 days ago
जय श्री राम! आज मंगलवार, 07 अप्रैल 2026 के इस पावन अवसर पर, अयोध्या धाम स्थित हनुमानगढ़ी से प्रभु श्री हनुमान जी महाराज की दिव्य आरती का स्मरण मात्र ही मन को असीम शांति और शक्ति प्रदान करने वाला है। अयोध्या के अधिपति, संकटमोचन श्री हनुमान जी की आरती के मुख्य अंश और भाव यहाँ प्रस्तुत हैं: ॥ श्री हनुमान जी की आरती ॥ आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर कांपै। रोग दोष जाके निकट न झांपै॥ अंजनी पुत्र महाबलदायी: सन्तन के प्रभु सदा सहाई। दे वीरा रघुनाथ पठाये॥ लंका जारि सिया सुधि लाये। लंका सो कोट समुद्र सी खाई॥ जात पवनसुत बार न लाई। लंका जारि असुर संहारे॥ सियाराम के काज सवारे: शक्ति बाण लग्यो लक्ष्मण को। लाय सजीवन प्राण उबारे॥ पैठि पाताल तोरि यम कारे। अहिरावण की भुजा उखारे॥ बाएं भुजा असुर दल मारे। दाहिने भुजा संत जन तारे॥ मुक्ति और भक्ति के दाता: सुर नर मुनि जन आरती उतारें। जय जय जय हनुमान उचारें॥ कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजनी माई॥ जो हनुमान जी की आरती गावै। बसि बैकुण्ठ परम पद पावै॥ आज के दर्शन का विशेष महत्व * मंगलवार का संयोग: मंगलवार हनुमान जी का प्रिय दिन है, और आज अयोध्या की पावन धरा पर उनकी आरती के दर्शन "संकट कटे मिटे सब पीरा" का जीवंत अनुभव कराते हैं। * अयोध्या धाम का वैभव: हनुमानगढ़ी के ऊँचे सोपानों पर विराजित बजरंगबली आज अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसा रहे हैं। > "कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं॥" > प्रभु हनुमान जी आपके जीवन से समस्त विघ्न-बाधाओं को दूर करें और आपको सुख-समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें। ॥ सियावर रामचंद्र की जय ॥ ॥ पवनसुत हनुमान की जय ॥
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