
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
176 days ago
*जैसा कर्म करोगे वैसा ही फल मिलेगा* । महाभारत में भानुमति श्री कृष्ण की बहुत बड़ी भक्त थी , और वो अर्जुन को पसंद करती थी, उनको लगा की उस स्वयंवर में अर्जुन अवश्य आयेंगे परंतु अर्जुन वहां नहीं जाते हैं । जब दुर्योधन ने भानुमती को देखा तो दुर्योधन को भानुमती पसंद आ गयी, उसने कर्ण से कहा मुझे लगता है इस कन्या को बल पूर्वक ले जाए तो अच्छा होगा फिर क्या था । कर्ण ने उपस्थित सभी राजाओं को परास्त कर भानुमती को घर ले आये । दुर्योधन ने भानुमती से शादी कर ली पर कर्म कहीं नहीं गया था । कुछ महीने बाद दुर्योधन और भानुमती को एक बेटी हुई और उसका नाम लक्ष्मणा था। एक दिन श्री कृष्ण के पुत्र साम्ब ने लक्ष्मणा को देखा तो साम्ब को उनसे प्यार हो गया उन्होंने लक्ष्मणा को बल पूर्वक ले कर उनसे शादी कर ली , जैसे ही ये बात दुर्योधन को पता चला वो गुस्से से लाल हो गए और भानुमती जोर जोर से हंसने लगी और बोली देखा जैसे मुझे ले आये थे मेरे पिता का अपमान करके , अब तुम्हारी बेटी को कोई ले गया जैसे को तैसा । महाभारत में जब द्रुपदी स्वयंवर होता है। तो वहां कर्ण धनुष की प्रत्यंचा तक चढ़ा नहीं पाया और मुंह के बल गिर गया परंतु कुछ fake TV serials में ये नहीं दिखाया जाता है । केवल इसलिए कि टीआरपी बढ़ सके सभी राजा वहां धनुष तक ठीक से उठाने में समर्थ नहीं थे अंततः अर्जुन आए और धनुष को बड़ी आसानी से उठा लिया प्रत्यंचा चढ़ाकर लक्ष्य भेद दिया ये सब देख कर कुछ अधर्मी दुर्योधन कर्ण और बाकी राजाओं ने कहा की ये तो हमारा अपमान है। ऐसे कैसे कोई ब्राह्मण इस कन्या को ले जा सकता है । उसके बाद वहां युद्ध हो गया भीम जो था उसने इधर की जो भी स्तंभ था वो उखाड़ कर उन राजाओं को पीटने लगा अर्जुन ने उसी धनुष से सबको घायल कर दिया तभी कर्ण आए और बोले की कमजोरों पे प्रहार करके अपने आप को वीर कहते हो यदि साहस है। तो मुझसे युद्ध करो। वीर अभिमन्यु की प्रत्यंचा पिछे से काटने वाला कर्ण ही था, क्योंकि गुरु द्रोण ने जब देखा की वीर अभिमन्यु कौरवों के सभी महारथियों पर अकेला भारी पड़ रहा है तो द्रोण ने कहा की देखो ये मेरे शिष्य का वीर पुत्र है , मैं इसे अर्जुन से कम कदापि नहीं समझ सकता मेरी बात सुनो जब तक इसके हाथ में धनुष इस बात को भुल जो की हम इससे जीत पायेंगे , कर्ण यदि तुमने इसका धनुष नहीं तोड़ा तो हम सब मारे जा सकते हैं , इतना सुनने के बाद नीच पापी कर्ण चुपके से जाके पिछे से अभिमन्यु की प्रत्यंचा काट दी जो की fake TV serials में नहीं दिखाया जाता , ऐसे अधर्मियों को वही लोग hero मानते जिनके रगो में खून नहीं अधर्म छल कपट और पाप छिपा है ।

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