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हिंदू धर्मग्रंथों और पौराणिक कथाओं के अनुसार, न्याय के देवता शनि देव का परिवार काफी विस्तृत है। वे भगवान सूर्य के पुत्र हैं और उनका संबंध ब्रह्मांड के कई शक्तिशाली पात्रों से है। यहाँ उनके परिवार का विवरण दिया गया है: 1. माता-पिता * पिता: भगवान सूर्य (विवस्वान)। * माता: छाया (देवी संज्ञा की प्रतिछाया)। शनि देव का रंग अपनी माता छाया के समान ही श्याम (काला) है। 2. भाई-बहन शनि देव के कई भाई और बहनें हैं, जो अलग-अलग शक्तियों के प्रतीक हैं: * यमराज: धर्म और मृत्यु के देवता (संज्ञा के पुत्र और शनि के सौतेले भाई)। * यमुना: पवित्र नदी (संज्ञा की पुत्री और शनि की सौतेली बहन)। * ताप्ती: नदी (छाया की पुत्री और शनि की सगी बहन)। * सावर्णि मनु: (छाया के पुत्र और शनि के सगे भाई)। * अश्विनी कुमार: देवताओं के वैद्य (संज्ञा के पुत्र)। 3. पत्नियाँ पौराणिक मान्यताओं के अनुसार शनि देव की दो पत्नियाँ मानी जाती हैं: * धामिनी: इन्हें अत्यंत प्रभावशाली और गंधर्व कन्या माना जाता है। शनि देव को मिला 'शाप' (कि वे जिसे देखेंगे उसका अहित होगा) धामिनी के कारण ही मिला था, क्योंकि एक बार शनि देव ध्यान में इतने मग्न थे कि उन्होंने अपनी पत्नी की ओर ध्यान नहीं दिया। * नीला (नीलदेवी): इन्हें शनि देव की शक्ति माना जाता है। नीला देवी के कारण ही शनि देव को नीलम रत्न अत्यंत प्रिय है। 4. संतान कुछ कथाओं में शनि देव के दो पुत्रों का उल्लेख मिलता है: * कुलिग: जिन्हें संघर्ष का प्रतीक माना जाता है। * अरिष्ट: जो बाधाओं को दूर करने की शक्ति रखते हैं। विशेष बातें > शनि देव को भगवान शिव का परम शिष्य माना जाता है। शिव जी ने ही उन्हें तीनों लोकों का 'न्यायाधीश' नियुक्त किया था ताकि वे मनुष्यों को उनके कर्मों के अनुसार फल दे सकें। >

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