
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
247 days ago
26.12.2025 यदि तालाब का पानी शांत हो, तो उसमें आपको अपनी परछाई स्पष्ट दिखेगी। *"यदि पानी हिलता हुआ हो, उसमें लहरें उठ रही हों, तो आपको उसमें अपनी परछाई स्पष्ट नहीं दिखाई देगी।"* ठीक इसी प्रकार से यदि आपका मन स्थिर है, शांत है, तो उसमें आपको गंभीरता से विचार करने पर सत्य और असत्य का ज्ञान हो जाएगा। *"यदि आपका मन चंचल है, अस्थिर है, अथवा क्रोध की स्थिति में है, लोभ की स्थिति में है, अथवा अन्य कोई परेशानी है, तो ऐसी स्थिति में आप सत्य और असत्य का सही निर्णय नहीं ले पाएंगे।"* इसलिए ऐसी परिस्थितियों में कोई गंभीर निर्णय न लें। कुछ समय के लिए उसे टाल दें। *"बाद में जब आपका मन शांत हो जाए, तब फिर उस विषय पर शांति से विचार करें, तो आप सही निर्णय ले पाएंगे और सही कार्य कर पाएंगे, जिससे आपका जीवन सुखमय बनेगा।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

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