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श्री राम जी भक्त हनुमान है भगवान श्री राम और भक्त शिरोमणि हनुमान जी का संबंध भक्ति, समर्पण और अटूट विश्वास का सबसे बड़ा उदाहरण माना जाता है। तुलसीदास जी ने भी लिखा है: > "राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनिपुत्र पवनसुत नामा॥" > हनुमान जी के बारे में कुछ खास बातें जो उनकी भक्ति को दर्शाती हैं: * निस्वार्थ सेवा: हनुमान जी ने कभी भी अपने लिए कुछ नहीं मांगा। उनकी पूरी शक्ति और बुद्धि केवल प्रभु श्री राम के काज संवारने में लगी रही। * संकटमोचन: सीता माता की खोज से लेकर लक्ष्मण जी के प्राण बचाने के लिए संजीवनी बूटी लाने तक, वे हर कठिन समय में राम जी के साथ रहे। * हृदय में वास: मान्यता है कि जब हनुमान जी ने अपनी छाती चीर कर दिखाई थी, तो उसमें श्री राम और माता सीता की छवि विद्यमान थी। यह इस बात का प्रतीक है कि वे रोम-रोम में राम को बसाए रखते हैं। * अमरता का वरदान: माता सीता ने उन्हें 'अजर-अमर' होने का आशीर्वाद दिया था ताकि वे कलयुग में भी राम नाम का प्रचार करते रहें और भक्तों की रक्षा करें। जय सिया राम जी 🙏💫 शुभरात्रि वंदन जी 🙏

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