MyMandirInstall

7.9.2026 *"संसार के लोग दौड़ रहे हैं, अंधाधुंध भाग रहे हैं। परन्तु सही दिशा बहुत कम लोगों को मालूम है।"* *"यदि आप सही दिशा में चलते हैं, चाहे धीरे ही चलें, तो भी आप लक्ष्य पर पहुंच जाएंगे।" "और यदि आप बहुत तेज दौड़ते हैं, परंतु यदि दिशा लक्ष्य से विपरीत हो, तो उसका कोई लाभ नहीं, बल्कि हानि ही हानि है। क्योंकि आप लक्ष्य से दूर जा रहे हैं।"* *"यदि आपने वैदिक विद्वानों से जीवन की सही दिशा जान ली, कि हमें किस दिशा में जाना चाहिए। फिर आप चाहे कछुए की तरह धीरे चलें, और चाहे घोड़े की तरह तेज दौड़ें, दोनों पक्षों में आप को लाभ ही लाभ है।" "यदि धीरे चलेंगे, तो कुछ देर से पहुंचेंगे। और यदि तेज चलेंगे या दौड़ेंगे, तो उतना ही जल्दी पहुंचेंगे।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

Post media

Comments (0)

No comments yet. Be the first to comment!