
SHREE SHARMA
405 days ago
प्रनवउँ पवनकुमार खल बन पावक ग्यान घन। जासु हृदय आगार बसहिं राम सर चाप धर॥ मैं पवनकुमार श्री हनुमानजी को प्रणाम करता हूँ, जो दुष्ट रूपी वन को भस्म करने के लिए अग्निरूप हैं, जो ज्ञान की घनमूर्ति हैं और जिनके हृदय रूपी भवन में धनुष - बाण धारण किए श्री रामजी निवास करते हैं.. जय सियाराम 🙏

Comments (4)

Radhe Radhe
Jul 22, 2025
🙏🌹भाई जी आपको शुभ संध्या की शुभकामनाएं।🌹🙏

Radhe Radhe
Jul 22, 2025
🌹🌹आपका हर एक पल शुभ मंगलमय हो। 🌹🌹

Radhe Radhe
Jul 22, 2025
🌹🌹जय बजरंगबली जय श्री राम 🌹🌹

Anup Kumar Sinha
Jul 22, 2025
जय श्री राम 🙏🙏
