
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
97 days ago
25.5.2026 *"पारिवारिक संबंधों में अथवा मित्रों में जो 'अपनापन' होता है, ऐसा अपरिचित लोगों में नहीं होता।"* कहीं कहीं परिवार के लोग अथवा मित्र भी अपनेपन का दिखावा करते हैं। जबकि उनमें अपनापन बहुत कम होता है। यदि किन्हीं लोगों में वास्तव में अपनापन हो और आप उनके साथ संबद्ध हों, तो *"वह अपनापन रोग में, वियोग में या किसी भी प्रतिकूल अवस्था में एक उत्तम औषधि का कार्य करता है। यह अन्य भौतिक औषधियों के समान ही अपना विशेष प्रभाव दिखाता है।"* *"इसलिए कुछ लोगों के साथ विशेष अपनापन बनाकर रखें। वे लोग आपके आपातकाल में आपकी बहुत अच्छी सहायता करेंगे। उससे आपका जीवन सरल एवं सुखमय बन जाएगा।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
