
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
212 days ago
*📜 30 जनवरी 📜* *🎀 विश्व कुष्ठरोग उन्मूलन दिवस 🎀* *मुख्य विवरण:* * उद्देश्य: कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों के साथ भेदभाव खत्म करना, शीघ्र उपचार को बढ़ावा देना और उन्हें गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करना। * स्थापना: 1954 में फ्रांसीसी समाजसेवी राउल फोलेरो द्वारा शुरू किया गया। * भारत में महत्व: 30 जनवरी को गाँधीजी की कुष्ठ प्रभावितों के प्रति सेवा और करुणा के सम्मान में इसे मनाया जाता है। * तिथि: 2026 में, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 25 जनवरी और भारत में 30 जनवरी को मनाया जा रहा है। * उद्देश्य: इसे 'हेंसन रोग' भी कहते हैं, जो संक्रामक है लेकिन समय पर इलाज से ठीक हो सकता है। *महत्वपूर्ण अभियान:* भारत में कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता के लिए 30 जनवरी को ही स्पर्श कुष्ठ रोग जागरूकता अभियान (SLAC) की शुरुआत की गई है। 30 जनवरी को विश्व कुष्ठरोग उन्मूलन दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य कुष्ठरोग को समाप्त करना तथा कुष्ठरोग से पीड़ित लोगों के साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त करना है। कुष्ठरोग से पीड़ित लोग सामाजिक भेदभाव के कारण अक्सर अवसाद का शिकार हो जाते हैं। इसके इलाज के लिए पीड़ित को मल्टी-ड्रग थेरेपी की आवश्यकता पड़ती है, इस थेरेपी के तहत पीड़ित को 6 माह से एक वर्ष तक दवाइयों का सेवन करना पड़ता है। विश्व में विश्व कुष्ठरोग दिवस जनवरी के अंतिम रविवार को मनाया जाता है, लेकिन भारत में यह दिवस महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि पर 30 जनवरी को मनाया जाता है। वर्ष 1953 में कुष्ठ रोग को लेकर लोगों में जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से फ्रांसीसी मानवीय राउल फोलेरो ने पहली बार 'विश्व कुष्ठ रोग उन्मूलन दिवस' की शुरुआत की थी। कुष्ठ रोग को दूर करने तथा उसके रोगियों की बेहतर अवस्था के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने विशेष प्रयास किए थे, इसीलिए उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से हमारे देश में 30 जनवरी को 'कुष्ठ रोग उन्मूलन दिवस' मनाया जाता है। ➿➿➿➿➿➿➿➿➿➿➿

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