
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
23 hours ago
*दिल दुखाने से बड़ा कोई पाप नहीं है और किसी के चेहरे पर एक मुस्कान लाने से बड़ी कोई पूजा नहीं है।* *1. दिल दुखाना सबसे बड़ा पाप क्यों है?* हमारे शास्त्रों में कहा गया है - हर दिल में ईश्वर का वास होता है। जब हम किसी का दिल दुखाते हैं, तो हम अनजाने में उस परमात्मा को ही दुख पहुँचाते हैं। - *मंदिर तोड़ने से भी बड़ा पाप:* पत्थर का मंदिर तो फिर बन सकता है, पर किसी का टूटा हुआ दिल और विश्वास बहुत मुश्किल से जुड़ता है। - *कर्म लौट कर आता है:* आपने किसी को रुलाया, तो वही दर्द घूम कर किसी न किसी रूप में आपके पास जरूर आएगा। ये प्रकृति का नियम है। - *कड़वे बोल का घाव:* शरीर का घाव दवा से ठीक हो जाता है, पर कड़वी बातों से लगा घाव जीवन भर याद रहता है। *2. मुस्कान लाना सबसे बड़ी पूजा क्यों है?* पूजा का असली मतलब ही है - दूसरों को खुशी देना। अगरबत्ती, दीया तो एक तरीका है, पर सच्ची पूजा तो इंसानियत है। - *ईश्वर की सच्ची सेवा:* भूखे को रोटी खिलाना, उदास बैठे इंसान को हँसा देना, किसी रोते हुए बच्चे को चुप करा देना - इससे बड़ी कोई आरती नहीं। - *एक मुस्कान की कीमत:* आपकी एक छोटी सी मुस्कान, एक प्यारा सा शब्द, किसी की पूरी निराश जिंदगी में उम्मीद भर सकता है। आपको पता भी नहीं चलेगा कि आपने कितना बड़ा पुण्य कमा लिया। - *मन की शांति:* जब आप किसी और को खुश करते हैं, तो सबसे ज्यादा शांति आपको ही मिलती है। *संक्षेप में:* किसी को दुख मत दो, क्योंकि आप ईश्वर के बनाये हुए दिल को तोड़ रहे हो। और हो सके तो हर रोज कोशिश करो कि आपकी वजह से किसी एक व्यक्ति के चेहरे पर भी मुस्कान आ जाए। वही आपके जीवन की सबसे बड़ी कमाई होगी।

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
