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SHREE SHARMA

421 days ago

चौदह भुवन एक पति होई, भूत द्रोह तिष्टइ नहिं सोई चाहे चौदहों भुवनों का एक ही स्वामी हो, वह भी जीवों से वैर करके ठहर नहीं सकता नष्ट हो जाता है तात्पर्य यह है संसार के सभी जीवो मे भगवान का वास है इसलिये सभी को भगवतस्वरूप मानते हुए प्रेमपूर्वक व्यवहार करना चाहिए किसी से भी द्वेष नहीं रखना चाहिए.. जय सियाराम 🙏

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