
SHREE SHARMA
218 days ago
*महाबली का हाथियों का बल* महाबली भीम में 10 हज़ार हाथियों का बल कहाँ से आया? एक अद्भुत कथा! यह सभी को विदित हैं कि पांडु पुत्र भीम में दस हज़ार हाथियों का बल था, जिसके चलते उन्होंने एक बार अकेले ही नर्मदा नदी का प्रवाह तक रोक दिया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भीम को यह अलौकिक शक्ति कैसे मिली? इसके पीछे कौरवों का एक गहरा षड्यंत्र था। 🔥 दुर्योधन की ईर्ष्या जब पांचों पांडव वन से हस्तिनापुर आए, तो वे सभी खेलों—दौड़ने, निशाना लगाने और कुश्ती—में कौरवों को हरा देते थे, विशेषकर भीम। दुर्योधन के मन में भीम के प्रति गहरी ईर्ष्या और दुर्भावना पैदा हो गई। उसने भीम को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। 🐍 विष और गंगा प्रवाह दुर्योधन ने गंगा तट पर 'उदकक्रीडन' नाम से एक शिविर लगवाया। वहां मौका पाकर उसने भीम के भोजन में कालकूट विष मिला दिया। विष के असर से जब भीम अचेत हो गए, तो दुर्योधन ने उन्हें गंगा नदी में फेंक दिया। 🌊 नागलोक की अद्भुत यात्रा भीम डूबते हुए सीधे नागलोक पहुँच गए। वहां जहरीले सांपों ने भीम को खूब डंसा। आश्चर्यजनक रूप से, सांपों के विष ने भीम के शरीर में मौजूद कालकूट विष के असर को खत्म कर दिया और उन्हें होश आ गया। ✨ 10 हज़ार हाथियों का बल होश में आते ही भीम सांपों से भिड़ गए। बात नागराज वासुकि तक पहुंची। वासुकि के साथ भीम के नाना के नाना 'आर्यक' नाग भी थे। उन्होंने भीम को पहचान लिया। आर्यक नाग ने वासुकि से भीम को वह विशेष रस पिलाने की आज्ञा मांगी, जिसमें हज़ारों हाथियों का बल था। वासुकि की स्वीकृति मिलने पर भीम ने उस दिव्य रस के आठ कुण्ड पी लिए और एक दिव्य शय्या पर आठ दिनों तक सोते रहे, ताकि वह रस पच सके। 🙏 वापसी आठवें दिन जब भीम जागे, तो उनमें अतुलनीय बल आ चुका था। नागों ने उन्हें गंगा के बाहर छोड़ा। हस्तिनापुर लौटकर जब उन्होंने माता कुंती और भाइयों को यह वृत्तांत सुनाया, तो युधिष्ठिर ने इसे गुप्त रखने का परामर्श दिया। दुर्योधन ने जिसे मारने का षड्यंत्र रचा था, वही षड्यंत्र भीम के लिए वरदान साबित हुआ! जय श्री राधे कृष्ण

Comments (2)

Rama Devi Sahu
Jan 24, 2026
🙏‼️ Jai Shani Dev ‼️🙏

Rama Devi Sahu
Jan 24, 2026
शीर्षक: महाबली भीम में 10 हज़ार हाथियों का बल कहाँ से आया? एक अद्भुत कथा! 🐘💪 हम सभी जानते हैं कि पांडु पुत्र भीम में दस हज़ार हाथियों का बल था, जिसके चलते उन्होंने एक बार अकेले ही नर्मदा नदी का प्रवाह तक रोक दिया था। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भीम को यह अलौकिक शक्ति कैसे मिली? इसके पीछे कौरवों का एक गहरा षड्यंत्र था। 🔥 दुर्योधन की ईर्ष्या जब पांचों पांडव वन से हस्तिनापुर आए, तो वे सभी खेलों—दौड़ने, निशाना लगाने और कुश्ती—में कौरवों को हरा देते थे, विशेषकर भीम। दुर्योधन के मन में भीम के प्रति गहरी ईर्ष्या और दुर्भावना पैदा हो गई। उसने भीम को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। 🐍 विष और गंगा प्रवाह दुर्योधन ने गंगा तट पर 'उदकक्रीडन' नाम से एक शिविर लगवाया। वहां मौका पाकर उसने भीम के भोजन में कालकूट विष मिला दिया। विष के असर से जब भीम अचेत हो गए, तो दुर्योधन ने उन्हें गंगा नदी में फेंक दिया। 🌊 नागलोक की अद्भुत यात्रा भीम डूबते हुए सीधे नागलोक पहुँच गए। वहां जहरीले सांपों ने भीम को खूब डंसा। आश्चर्यजनक रूप से, सांपों के विष ने भीम के शरीर में मौजूद कालकूट विष के असर को खत्म कर दिया और उन्हें होश आ गया। ✨ 10 हज़ार हाथियों का बल होश में आते ही भीम सांपों से भिड़ गए। बात नागराज वासुकि तक पहुंची। वासुकि के साथ भीम के नाना के नाना 'आर्यक' नाग भी थे। उन्होंने भीम को पहचान लिया। आर्यक नाग ने वासुकि से भीम को वह विशेष रस पिलाने की आज्ञा मांगी, जिसमें हज़ारों हाथियों का बल था। वासुकि की स्वीकृति मिलने पर भीम ने उस दिव्य रस के आठ कुण्ड पी लिए और एक दिव्य शय्या पर आठ दिनों तक सोते रहे, ताकि वह रस पच सके। 🙏 वापसी आठवें दिन जब भीम जागे, तो उनमें अतुलनीय बल आ चुका था। नागों ने उन्हें गंगा के बाहर छोड़ा। हस्तिनापुर लौटकर जब उन्होंने माता कुंती और भाइयों को यह वृत्तांत सुनाया, तो युधिष्ठिर ने इसे गुप्त रखने का परामर्श दिया। दुर्योधन ने जिसे मारने का षड्यंत्र रचा था, वही षड्यंत्र भीम के लिए वरदान साबित हुआ!
