
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
230 days ago
क्रोधाद्भवति सम्मोहः संमोहात्स्मृतिविभ्रमः स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति अर्थ : क्रोध से मनुष्य की मति मारी जाती है यानी मूढ़ हो जाती है जिससे स्मृति भ्रमित हो जाती है, स्मृति-भ्रम हो जाने से मनुष्य की बुद्धि नष्ट हो जाती है और बुद्धि का नाश हो जाने पर मनुष्य खुद अपना ही का नाश कर बैठता है....श्री कृष्णा शरणम् ममः

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