
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
250 days ago
क्रोधाद्भवति सम्मोहः संमोहात्स्मृतिविभ्रमः स्मृतिभ्रंशाद् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात्प्रणश्यति अर्थ : क्रोध से मनुष्य की मति मारी जाती है यानी मूढ़ हो जाती है जिससे स्मृति भ्रमित हो जाती है, स्मृति-भ्रम हो जाने से मनुष्य की बुद्धि नष्ट हो जाती है और बुद्धि का नाश हो जाने पर मनुष्य खुद अपना ही का नाश कर बैठता है....श्री कृष्णा शरणम् ममः

Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!
