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नेपाल में स्थित डोलेश्वर महादेव मंदिर (Doleshwor Mahadev Temple) हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह मंदिर भक्तपुर जिले के सूर्यविनायक (सिपाडोल) में स्थित है और इसे भारत के प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर का शिर (सिर) माना जाता है। केदारनाथ से संबंध और इतिहास मान्यता है कि महाभारत के युद्ध के बाद पांडव अपने पापों से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव की खोज में हिमालय गए थे। भगवान शिव पांडवों से रुष्ट थे और उन्होंने एक बैल का रूप धारण कर लिया। जब पांडवों ने बैल को पकड़ने की कोशिश की, तो बैल का शरीर दो हिस्सों में विभाजित हो गया। * बैल का पिछला हिस्सा (कूबड़) भारत के केदारनाथ में प्रकट हुआ। * बैल का शिर (सिर) नेपाल के डोलेश्वर महादेव में प्रकट हुआ। 22 अगस्त 2009 को केदारनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी (रावल) ने आधिकारिक तौर पर डोलेश्वर महादेव को केदारनाथ का शिर घोषित किया था। यह माना जाता है कि जब तक कोई श्रद्धालु केदारनाथ के साथ-साथ डोलेश्वर महादेव और पशुपतिनाथ के दर्शन नहीं कर लेता, उसकी केदारनाथ की यात्रा पूर्ण नहीं मानी जाती। मंदिर की मुख्य विशेषताएं * प्राचीनता: मंदिर में स्थापित शिवलिंग लगभग 4,000 वर्ष पुराना बताया जाता है। * स्थापत्य कला: यह मंदिर पारंपरिक नेपाली 'पैगोडा' शैली में बना है, जिसमें लकड़ी की सुंदर नक्काशी और तांबे की छतें हैं। * पुजारी: केदारनाथ की तरह ही यहाँ भी दक्षिण भारत (कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल) के लिंगायत समुदाय के पुजारी ही पूजा-अर्चना करते हैं। * अनुष्ठान: यहाँ के सभी धार्मिक रीति-रिवाज और पूजा की विधियाँ केदारनाथ मंदिर के समान ही होती हैं। * दर्शन का समय: मंदिर सुबह 5:30 बजे खुलता है और शाम 5:00 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहता है। स्थान और जानकारी * पता: सिपाडोल, सूर्यविनायक, भक्तपुर, नेपाल (काठमांडू से लगभग 20 किमी की दूरी पर)। * रेटिंग: 4.6 (गूगल मैप्स पर)। * सुविधाएँ: मंदिर परिसर में पार्किंग और व्हीलचेयर की सुविधा उपलब्ध है। मंदिर की स्थिति और विवरण: | विवरण | जानकारी | | :--- | :--- | | नाम | Doleshwar Mahadev Temple | | संपर्क | +977 1-6618082 | | मुख्य त्यौहार | महाशिवरात्रि, तीज, और श्रावण मास | यदि आप शिव भक्त हैं, तो केदारनाथ यात्रा के बाद डोलेश्वर महादेव के दर्शन करना आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत फलदायी माना जाता है।

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