
SHREE SHARMA
435 days ago
करुणामय चित्शक्ति रूप, कैलासाधिप नाथ। त्रिनयन, त्रिशूलधारी, संहारक जगनाथ॥ नीलकण्ठ करालवदन, चन्द्रमौली शंभो। जटाजूट में बहती गंगा, करुणा के अम्बो॥ नंदी वाहन, डमरू नाद, रुद्र रूप विकराल। अर्धनारीश्वर भगवन्, तुमसे जगत सम्हाल॥ रखो शरण में नाथ हमें, जीवन हो निर्भय। तेरे बिना सब शून्य है, तू ही शाश्वत सत्य॥ शिवोऽहम् शिवोऽहम्, तेरी भक्ति अनंत। हर हर महादेव की गूंजे, अंतर में भगवंत॥

Comments (2)

Nagar mal agarwal
Jun 21, 2025
हर हर महादेव ओम नमः शिवाय

Rama Devi Sahu
Jun 21, 2025
Har Har Mahadev 🙏🌿🔱🌺🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️
