
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
78 days ago
13.6.2026 जीवन में कभी सम्मान प्राप्त होता है और कभी अपमान भी होता है। *"जो व्यक्ति सम्मान प्राप्त होने पर अभिमान नहीं करता, और अपमान होने पर दुखी नहीं होता, वह बुद्धिमान है।"* जो व्यक्ति अपने बल और विद्या पर अहंकार नहीं करता, कि *"मैं बहुत बलवान हूं बहुत विद्वान हूं।" इस प्रकार से अहंकार नहीं करता, "वह बुद्धिमान होता है।"* *"जो व्यक्ति धन होने पर भी उसका दुरुपयोग नहीं करता। यज्ञ वेद प्रचार वैदिक गुरुकुल विद्यालय गौशाला यज्ञशाला धर्मार्थ चिकित्सालय आदि शुभ कर्मों में दान देता है, और किसी के प्रति मन में द्वेष नहीं रखता। ईश्वर को साक्षी मानकर अपने मन को शुद्ध करके सब कार्य करता है, वह बुद्धिमान कहलाता है।"* आप भी आत्म निरीक्षण कीजिए और देखिए कि *"क्या आप भी ऐसे ही बुद्धिमान हैं? यदि हां, तो बहुत अच्छी बात है। और यदि कुछ कमी हो, तो ऐसे उत्तम कर्मों का आचरण करके आप भी बुद्धिमान बनें, तभी आपके जीवन में सुख आएगा।"* ---- *"स्वामी विवेकानन्द परिव्राजक, निदेशक - दर्शन योग महाविद्यालय, रोजड़, गुजरात."*

Comments (1)

सविता
Jun 13, 2026
Radhe radhe 🙏🌹
