
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
41 days ago
*गङ्गोत्तमाङ्गकलितं ललितं विशालं* *तं मङ्गलं गरलनीलगलं ललामम्।* *श्रीमुण्डमाल्यवलयोज्ज्वलमञ्जुलीलं* *लक्ष्मीश्वरार्चितपदाम्बुजमाभजाम:।* *दारिद्र्यदु:खदहनं कमनं सुराणां* *दीनार्तिदावदहनं दमनं रिपूणाम्।* *दानं श्रियां प्रणमनं भुवनाधिपानां* *मानं सतां वृषभवाहनमानमाम:।।* जिनके उत्तमांग में गंगाजी सुशोभित हो रही हैं,जो सुन्दर तथा विशाल हैं, जो मंगलस्वरूप हैं, जिनका कंठ हालाहल विष से नीलवर्णका होने से सुन्दर है, जो मुण्ड की माला धारण करने वाले, कंकण से उज्ज्वल तथा मधुर लीला करने वाले हैं, विष्णु के द्वारा पूजित चरणकमलवाले भगवान् शंकर को हम भजते हैं। दारिद्रय एवं दु:ख का विनाश करने वाले, देवताओं में सुन्दर, दीनों की पीड़ा को विनष्ट करने के लिए दावानलस्वरूप, शत्रुओं का विनाश करने वाले, समस्त ऐश्वर्य प्रदान करने वाले,भुवनाधिपों के प्रणम्य और सत्पुरुषों के मान्य वृषवाहन भगवान् शंकर को हम प्रणाम करते हैं।' *🌿🌹 जय भोले नाथ 🌿🌹* 🙏

Comments (3)

प्रेम कुमार
Jul 20, 2026
🌹🌹हर हर महादेव 🌹 शुभ संध्या वंदन 🌹

बरखा शर्मा
Jul 20, 2026
💐☘️har har mahadev ji☘️💐

R k jangid phulera Jaipur
Jul 20, 2026
जय भोलेनाथ जी की 🚩🌹🙏
