
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
330 days ago
*🪴🌞🧘🏻♂️सुप्रभात 🧘🏻♂️🌞🪴* *समय के साथ* *रिश्तों का स्वाद भी बढ़ता है।* *रिश्तों की मिठास या कड़वाहट* *इस बात पर निर्भर करती है कि* *आप इसमें हर रोज़ क्या डालते हैं.* 🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸 *मेरे जीवन में किसी प्रकार का कभी भी कोई खौफ ना था और ना ही मुझे किसी प्रकार का कोई अहंकार तथा जीवन में मेरा ना कोई स्थाई ठौर था और ना ही ठिकाना, मैं पूर्व में भी मिट्टी के समान था, आज़ भी मैं मिट्टी के समान हूं, और फिर भविष्य में भी मिट्टी ही हो जाना है। तो ग़म किस बात का? यही है, मेरा असली जीवन है.ढलना तो एक दिन है सभी को, चाहे इंसान हो, या सूरज, मगर हौसला सूरज से सीखो, रोज ढल के भी हर दिन उम्मीद से निकलता है।* 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 *🌷आप का दिन शुभ हो 🌷* *🛕🚩ॐ श्री शनिदेवाय नमः 🚩🛕* *🙏🙏 जय श्री राम 🙏🙏* 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
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