
SHREE SHARMA
358 days ago
श्री भगवान् के इन २४ अवतारों का जो सुबह शाम स्मरण करता है, उसके सब दुःख दूर हो जाते है। जय जय मीन बराह कमठ नरहरि बलि बावन । परशुराम रघुबीर कृष्ण कीरति जगपावन ॥ बुद्ध कलक्की अरु ब्यास पृथू हरि हँस मन्वंतर । जग्य ऋषभ हयग्रीव ध्रुव बरदेन धन्वन्तर ॥ बदरीपति दत कपिलदेव सनकादिक करुणा करौ । चौबीस रूप लीला रुचिर (श्री) अग्रदास उर पद धरौ ॥ श्री मत्स्य, वराह, कच्छप (कूर्म), नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, भगवान की कीर्ति को वीणा पर गाकर जगत को पावन करने वाले देवर्षि नारद, बुद्ध, कल्कि, व्यास, पृथु, हंस, मोहिनी, यज्ञ नारायण, ऋषभ देव, हयग्रीव, (गजेंद्र रक्षक और ध्रुव को वर देनेवाले) श्रीहरि, धन्वंतरि, बदरीनाथ (नर नारायण), दत्तात्रेय, कपिलदेव, सनकादि ऋषि (सनक, सनन्दन, सनातन व सनत्कुमार) श्री मलूक पीठ वाले महाराज जी

Comments (3)

Rama Devi Sahu
Sep 6, 2025
Ati Uttam Post 👌👌🙏

Rama Devi Sahu
Sep 6, 2025
🙏‼️ Om Shree Paramatmane Namah ‼️🙏
