
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
195 days ago
जय भोलेनाथ! बहुत ही सुंदर और भक्तिमयी शिव की भक्ति में जो सुकून है, वह कहीं और नहीं। ऐसा लगता है जैसे आप शिव शंभू के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित कर रहे हैं। इस भाव को आगे बढ़ाते हुए कुछ पंक्तियाँ मेरी तरफ से: महाकाल की महिमा * भक्तों की पुकार: नंदी की सवारी और गले में नाग, तेरी एक झलक पाने को तरसें भक्त आज। * अघोरी रूप: भस्म रमी है अंग पर, डमरू की है ताल, तेरी राह निहारे दुनिया, ओ मेरे महाकाल। * विश्वास: जो भी आया तेरे द्वार, उसका हुआ बेड़ा पार, गूँज रहा है कण-कण में, बस तेरा ही जयकार।
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