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*🕉️कालाष्टमी 2026: काल भैरव की पूजा का मिलेगा दोगुना फल, लेकिन भूलकर भी न करें ये गलतियां🕉️* 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱 *🪦सनातन धर्म में कालाष्टमी का विशेष महत्व माना जाता है. यह दिन भगवान शिव के रौद्र स्वरूप काल भैरव की आराधना के लिए समर्पित होता है. मान्यता है कि विधि-विधान से काल भैरव की पूजा करने से भय, नकारात्मक ऊर्जा, शत्रु बाधा और जीवन की कई परेशानियां दूर होती हैं.* *इस वर्ष 7 जुलाई 2026, मंगलवार को कालाष्टमी का व्रत रखा जा रहा है. यदि आप भी इस दिन भगवान काल भैरव की कृपा पाना चाहते हैं तो पूजा के दौरान कुछ जरूरी नियमों का पालन अवश्य करें।* *📿कालाष्टमी व्रत की शुरुआत ऐसे करें* *ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ* कालाष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान काल भैरव का ध्यान करते हुए पूरे श्रद्धा भाव से व्रत और पूजा का संकल्प लें. माना जाता है कि सच्ची निष्ठा के साथ किया गया संकल्प शुभ फल देता है. *📿पूजा का सही समय* *ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ* धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काल भैरव की विशेष साधना के लिए मध्यरात्रि का समय श्रेष्ठ माना जाता है. हालांकि सुबह भी मंदिर या घर के पूजा स्थल पर उनकी आराधना की जा सकती है. पूजा में सरसों का तेल, काला तिल, उड़द की दाल और नीले रंग के फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है. *📿भोग और मंत्र जाप का रखें विशेष ध्यान* *ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ* भगवान काल भैरव को जलेबी, इमरती या मीठी रोटी का भोग लगाना शुभ माना जाता है. पूजा के बाद इस प्रसाद को लोगों में बांटें और स्वयं भी ग्रहण करें. साथ ही *•'ॐ कालभैरवाय नमः'* मंत्र का जाप करें तथा श्रद्धापूर्वक कालभैरवाष्टक का पाठ करें. *📿इन बातों की भूलकर भी न करें अनदेखी* *ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ* * पूजा के दौरान तन और मन दोनों की पवित्रता बनाए रखें. * मन में नकारात्मक या गलत विचार न आने दें. * क्रोध करने और कटु वचन बोलने से बचें. * पूजा में केवल तेल का दीपक जलाएं और दक्षिण दिशा की ओर मुख करके साधना करें. * व्रत के दिन तामसिक भोजन और नशे से पूरी तरह दूर रहें. * काल भैरव के प्रिय माने जाने वाले कुत्तों को कभी न सताएं. इस दिन उन्हें मीठी रोटी खिलाना अत्यंत शुभ माना जाता है. *📿काल भैरव की कृपा पाने का सरल उपाय* *ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ* मान्यता है कि जो श्रद्धालु कालाष्टमी के दिन नियमों का पालन करते हुए भगवान काल भैरव की पूजा करते हैं, उनके जीवन से भय, बाधाएं और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव कम होता है. इसलिए इस पावन अवसर पर पूरी श्रद्धा, संयम और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है. *♿#ऊँ_कालभैरवाय_नम:♿* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱

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