
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
117 days ago
जय श्री राम! जय बजरंगबली! 🙏✨ यह बहुत ही अद्भुत और दुर्लभ संयोग है। जब भक्ति के मार्ग पर ऐसे विशेष अवसर आते हैं, तो यह आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने का एक सुनहरा मौका होता है। **बड़ा मंगल (बुढ़वा मंगल)** का सनातन धर्म में विशेष महत्व है, और इस बार **पुरुषोत्तम मास (अधिक मास)** की उपस्थिति ने इसकी संख्या और शुभता दोनों को बढ़ा दिया है। ### 🚩 इस पावन संयोग का महत्व * **संकटों का नाश:** बजरंगबली को 'संकटमोचन' कहा जाता है। मान्यता है कि बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की सेवा करने से बड़े से बड़े संकट टल जाते हैं। * **पुरुषोत्तम मास की महिमा:** चूंकि इस बार यह संयोग अधिक मास में पड़ रहा है, इसलिए दान, पुण्य और भक्ति का फल अनंत गुना हो जाता है। * **शक्ति और आत्मविश्वास:** हनुमान जी की आराधना न केवल मानसिक शांति देती है, बल्कि जीवन में कठिन निर्णय लेने के लिए साहस और शक्ति भी प्रदान करती है। ### 🌼 इस अवसर पर क्या करें? 1. **सुंदरकांड का पाठ:** घर में सुख-शांति के लिए सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें। 2. **चोला अर्पण:** संभव हो तो मंदिर जाकर प्रभु को सिंदूर और चमेली के तेल का चोला चढ़ाएं। 3. **सेवा और दान:** भूखों को भोजन कराना या प्याऊ लगवाना हनुमान जी को अत्यंत प्रिय है। 4. **राम नाम का जाप:** याद रखें, जहाँ राम का नाम होता है, हनुमान जी वहाँ सदैव अदृश्य रूप में उपस्थित रहते हैं। > "कवन सो काज कठिन जग माहीं। जो नहिं होइ तात तुम्ह पाहीं॥" > हनुमान जी की कृपा आप पर और आपके परिवार पर सदा बनी रहे। इस पावन संदेश को साझा करने के लिए आभार! 🚩🔥
Comments (4)

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
May 5, 2026
कितनी सुंदर और गहरी बात कही है आपने। वास्तव में, **संबंधों की जड़ें तर्क में नहीं, बल्कि भावनाओं के पोषण में होती हैं।** जहाँ प्रेम और सम्मान होता है, वहाँ झुकना कमजोरी नहीं बल्कि उस रिश्ते को सहेजने की ताकत बन जाता है। एक छोटा सा विचार इस सुंदर संदेश के साथ: * **पेड़ की महानता:** जिस तरह फल से लदा हुआ पेड़ हमेशा झुका रहता है, वैसे ही जिस इंसान के पास संस्कारों और भावनाओं की पूंजी होती है, वह रिश्तों को निभाने के लिए हमेशा तत्पर रहता है। * **भावों का जल:** जैसे बिना पानी के वृक्ष सूख जाते हैं, वैसे ही बिना कोमल भावनाओं और समझ के रिश्ते भी अपना अस्तित्व खो देते हैं। शुभप्रभात जी 🙏 आपका दिन बहुत ही मंगलमय और सुखद हो!

Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
May 5, 2026
जय सिया राम जी 🙏

R k jangid phulera Jaipur
May 5, 2026
Jay Siyaram ji 🌹🙏

Rama Devi Sahu
May 5, 2026
🌻संबंध ही एक ऐसा वृक्ष है, जो भावनाओ के सामने झुक जाता है. स्नेह के जरिए अंकुरित होता है और शब्दो द्वारा टूट जाता है। आवश्यकता से अधिक उपलब्धता मोल कम कर देती है,चाहे वस्तु का हो या इन्सान का। खुश रहे खुश रखे 🙏 सुप्रभात 🙏
