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SHREE SHARMA

217 days ago

🕉️ || श्रीहनुमान्‌जीके बारह नाम तथा उनके पाठका फल || हनुमानञ्जनीसूनुर्वायुपुत्रो महाबलः । रामेष्टः फाल्गुनसखः पिङ्गाक्षोऽमितविक्रमः ॥ उदधिक्रमणश्चैव सीताशोकविनाशनः । लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा ॥ एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मनः । स्वापकाले प्रबोधे च यात्राकाले च यः पठेत् ॥ तस्य सर्वभयं नास्ति रणे च विजयी भवेत् । राजद्वारे गह्वरे च भयं नास्ति कदाचन ॥ ➖आनन्दरामायण-मनोहरकाण्ड १३|८-११ ❝(१)-हनुमान्, (२)-अंजनीसूनु, (३) वायुपुत्र, (४) महाबल ( महाबलवान् ), (५) रामेष्ट ( रामके प्यारे ), (६)-फाल्गुनसख ( अर्जुनके सहायक रूपमें उनकी ध्वजामें निवास करनेवाले ), (७) पिंगाक्ष ( पीली आँखोंवाले ), (८)-अमितविक्रम ( अनन्त पराक्रमशाली ), (९) उदधिक्रमण ( समुद्रको लाँघ जानेवाले ), (१०)-सीता-शोक-विनाशन ( सीताके शोकका नाश करनेवाले ), (११) लक्ष्मणप्राणदाता ( लक्ष्मणको संजीवनी बूटी लाकर जिलानेवाले ) तथा (१२)-दशग्रीवदर्पहा ( रावणदर्पहारी ) — महान् आत्मबलसे सम्पन्न कपिराज हनुमान्‌जीके इन बारह नामोंका जो मनुष्य सोते, जागते अथवा कहीं भी यात्रा करते समय पाठ करता है, उसे किसी प्रकारका भी भय नहीं होता और वह संग्राममें विजयी होता है। राजद्वार एवं गहन वन ( आदि ) किसी भी स्थानमें उसे कभी किसी प्रकारका भय नहीं रहता।❞ 🌿 🍂☘️🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿🍂☘️🌿 ❀༺꧁||🙏जय माँ🙏||꧂

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Comments (2)

SHREE SHARMA

SHREE SHARMA

Jan 24, 2026

🙏🙏🙏🙏

R k jangid 

phulera Jaipur

R k jangid phulera Jaipur

Jan 24, 2026

जय सियाराम जी 🙏