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Rama Devi Sahu

371 days ago

🙏‼️ Om Shree Paramatmane Namah ‼️🙏 Dt.24.08.2025 (Sunday) ************************** *ईश्वरप्राप्ति के लिए समर्पण भाव कैसा होना चाहिए ? एक शिकारी शिकार के लिए जंगल गया । उसे जो शिकार चाहिए थी, वह नहीं मिली । वह ऊबकर जंगल में शिकार ढूंढता घूम रहा था । वहां उसे एक कुटिया दिखाई दी । वहां एक साधु महाराज बैठे थे । उनकी समाधि में बाधा न डालते हुए शिकारी ने कुटिया में प्रवेश किया, उसने पूछा आप यहां क्यों रहते हैं ? साधु महाराज ने संक्षेप में उत्तर दिया, मैं भी एक शिकारी हूं । मेरे शिकार की प्रतीक्षा में यहां रुका हूं । शिकारी ने जिज्ञासा से पूछा, ‘आप किसकी शिकार करनेवाले हैं ? मेरी शिकार मुझे नहीं मिल रही है, तो आपकी शिकार ढूंढने में सहायता करूंगा ।’ साधु महाराज मन में कहते हैं, ‘इससे पीछा छुडाने के लिए झूठ बोला, तो इसने अधिक झूठ बोलने के लिए बाध्य किया ।’ शिकारी ने वर्णन पूछा । तब साधु महाराज ने कहा ‘मेरा शिकार सांवले रंग का है । उसके सिर पर मोरपंख है । वह किसी के हाथ नहीं आता ।’ शिकारी ने कहा ‘मैं ढूंढकर लाता हूं । आप शांत चित्त से कुटिया में रुकिए ।’ इसके पश्चात साधु महाराज हंसते हुए पुनः तपस्या में मग्न हो गए । शिकारी शिकार की खोज में निकला । वह उस शिकार का चिंतन करता रहा । दिन-रात उसने जंगल में खोज की । पानी की बूंद भी ग्रहण नहीं की । खाने का ध्यान नहीं रहा । इस प्रकार ४ दिन बीत गए । अंत में भगवान श्रीकृष्ण को दया आ गई । उसका भोला भाव देखकर भगवान कृष्ण ने उसे दर्शन दिए । शिकारी आनंदित हो गया । वह भगवान श्रीकृष्ण का हाथ पकडकर साधु महाराज के पास ले आया । साधु महाराज को अत्यधिक आश्चर्य हुआ । उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को नमस्कार कर कहा, ‘हे प्रभु मैं इतने वर्षों से जंगल में रहकर आपका ध्यान कर रहा हूं; परंतु आप मुझे नहीं मिले इस शिकारी को मिले । ऐसा कैसे हुआ ?’ भगवान श्रीकृष्ण ने कहा, ‘शिकारी अन्य किसी भी विषय का विचार न कर मेरा चिंतन कर रहा था । अपनी भूख प्यास भूल गया था । ध्येय प्राप्ति के लिए जो इतना समर्पण करता है, उसे ही मैं प्राप्त होता हूं । आप इतने वर्षों ध्यान कर रहे थे, तब भी अन्य विषयों के कारण आपका मन विचलित था । इसके विपरीत इस शिकारी ने पूर्ण समर्पित भाव रखकर मुझे प्राप्त कर लिया ।’ नाम की महत्ता इतनी अपूर्व है कि नाम का उच्चारण करनेवाला और उसे सुननेवाला दोनों का उद्धार हो जाता है । भक्त के सर्व दोषों का हरण कर नाम उसे दोषमुक्त करता है; इसलिए जड जीवों को तारनेवाला नामस्मरण ही है* *******__________********________*******

Comments (9)

Radhe Radhe

Radhe Radhe

Aug 24, 2025

🙏🙏🙏🙏🙏

Radhe Radhe

Radhe Radhe

Aug 24, 2025

🌹🌹 गुड नाइट शुभ रात्रि शुभ वंदन जी बहन जी।। आज के लिए शुभ रात्रि कल के लिए सुप्रभात शुभ रंजन जी।। वेरी वेरी नाइस अति सुंदर पोस्ट।। बहुत ही अच्छी पोस्ट करने के लिए धन्यवाद जी।।🌹🌹🙏

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Aug 24, 2025

Om Surya Devay Namah 🙏 Subha Ravivar ki Subha Kamanayen ke Sath Subha Dopahar Jii 🙏 Bhagwan ki Aasirbad Aap pr Sada Sarvada Bani Rahe 🙏 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩

RAKESH SHARMA OM NAMH SHIVAY 🥀🚩

Aug 24, 2025

ॐ श्री सूर्य देवाय नमो नमः जगत प्रकशित करने वाले आरोग्य सूर्य देव आशीर्वाद कृपा सदेव आप और परिवार पर बना रहे शुभ रविवार ये शुभ दिन शुभफलदाई मंगलकारी रहे 🙏🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Aug 24, 2025

Mangal Kamanayen ke Sath Suprabhat Jii 🙏 Bhagwan ki Aasirbad se Aap Hamesha Khush Raho 🙏🌹🌹 Aap ka Din Subha Mangalmay Ho 🙏🌹🌹

Rama Devi Sahu

Rama Devi Sahu

Aug 24, 2025

Jai Shree Ram 🙏🌹🌹

Saumya Sharma

Saumya Sharma

Aug 24, 2025

बहुत ही सुन्दर पोस्ट है आपकी, सही बात है पूर्ण समर्पण से ही प्रभु प्राप्ति संभव है 👌👌 👌 🙏🌹☺️

Saumya Sharma

Saumya Sharma

Aug 24, 2025

ॐ घृणिः सूर्याय नमः 🙏 जगतप्रकाशित और आरोग्य प्रदान करने वाले भगवान सूर्यदेव आपको सदैव उत्तम स्वास्थ्य और सुख समृद्धि प्रदान करें 🙏🌹☺️ इसी शुभकामना के साथ सुप्रभात वंदन बहना जी 🙏🌹☺️