
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
105 days ago
शांत भाव, परमेश्वर का वास—शिव ही सत्य हैं। शिव का अर्थ ही 'कल्याण' है। जहाँ शांत भाव है, वहीं आत्मा का निवास है, और जहाँ आत्मा है, वहीं परमेश्वर का वास है। शिव को सत्य इसलिए कहा गया है क्योंकि वे अनश्वर हैं—वे आदि भी हैं और अंत भी। सांसारिक कोलाहल के बीच जो इस 'शांत भाव' को साध लेता है, वह स्वयं में शिवत्व का अनुभव करने लगता है।
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