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*🌹जानें क्यों है जीवन में कष्ट, क्या ग्रह देते हैं सजा या फिर है सब कर्मों* *का फल🌹* 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 *⭕ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति के पूर्व जन्म के कर्म वर्तमान जीवन में ग्रहों की स्थिति को निर्धारित करते हैं। मजबूत सूर्य पिता के सम्मान, चन्द्रमा माता की सेवा, मंगल भाई-बहनों से मधुर संबंध, बुध ईमानदारी से व्यापार, बृहस्पति गुरु की सेवा और शुक्र महिलाओं के प्रति सकारात्मक रवैये का परिणाम है।* * *ग्रह नहीं देते सज़ा* * *कर्मों का ही होता है लेखा-जोखा* * *जन्मपत्री में लिखी होती है कर्मों की कहानी* * *जैसा कर्म, वैसा परिणाम* *प्रत्येक ग्रह का प्रभाव विभिन्न व्यक्तियों पर अलग-अलग ढंग से पड़ता है, वर्तमान जीवन में ग्रहों की स्थिति व्यक्ति के पिछले जन्मों के कर्मों पर आधारित है। अक्सर लोग पूछते हैं कि एक व्यक्ति निर्धन के घर में तो दूसरा व्यक्ति अमीर के घर में किस कारण से जन्म लेता है। धर्मशास्त्रों के अनुसार किसी व्यक्ति का अमीरों के यहां पैदा होना और जीवन के सुख भोगना या जन्म से ही निराश्रित व गरीब होना, व्यक्ति के पूर्व जन्म के कर्मों द्वारा तय होता है, जिसकी व्याख्या ज्योतिष शास्त्र करता है, साथ में इस संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां एवं उपाय उपलब्ध कराता है।* किसी भी व्यक्ति की जन्मपत्री में मजबूत सूर्य जैसे उच्च राशि का अथवा स्वराशि का सूर्य इंगित करता है कि पूर्व जन्म में व्यक्ति ने अपने पिता का काफी सम्मान एवं आज्ञा का पालन किया था, जिसके कारण इस जन्म में उसे बलवान सूर्य अपनी जन्मपत्री में राजयोग के निमित्त प्राप्त हुआ है। सूर्य बलवान होने के और भी कई कारण हैं, जैसे पिछले जीवन में वह व्यक्ति अवश्य ही एक ईमानदार सरकारी अधिकारी रहा होगा, जिसका लाभ इस जन्म में उसे बलवान सूर्य द्वारा मिलता है। इसी प्रकार जन्मपत्री में मजबूत चन्द्रमा दर्शाता है कि पूर्व जन्म में जातक ने अपनी माता की सेवा कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया था, जिसके कारण उसे बलवान चन्द्रमा का आशीर्वाद इस जन्म में मिला। इस प्रकार चन्द्रमा के बलवान होने के कई समीकरण ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हैं। इसी प्रकार जन्मपत्री में मजबूत मंगल यह दर्शाता है कि पूर्व जन्म में व्यक्ति ने अपने भाई-बहनों के साथ मधुर संबंध और सकारात्मक तरीके से अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर जीवन बिताया था, इसलिए इस जन्म में उसे बलवान मंगल का सुख मिल रहा है। गौरतलब है व्यक्ति जिन भी रिश्तों, सम्बंधों और वस्तुओं का दुरुपयोग इस जन्म में करता है, उसका अभाव उसे अगले जन्म में रहता है। इसी प्रकार पिछले जन्म में बहन, बुआ, मामा, मौसी, ननिहाल पक्ष से अच्छे संबंध होने पर अथवा ईमानदारी से व्यापार आदि कर दूसरों को लाभान्वित करनेे के कारण आगामी जन्म में बुध व्यक्ति का बलवान होता है। बृहस्पति ग्रह सच्चा, ईमानदार और आध्यात्मिक रूप से जीवन जीने का परिचायक है। जब व्यक्ति गुरु की सेवा एवं गुरु के प्रति निष्ठा रखकर गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करता है, तो अगले जन्म में उसे जन्मपत्री में बलवान बृहस्पति ग्रह का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी प्रकार गुरु का अपमान करने वालों का गुरु ग्रह निर्बल हो जाता है। महिलाओं के प्रति सकारात्मक रवैये के कारण शुक्र बलवान होता है, किसी स्त्री को दुःख पहुंचाने से शुक्र निर्बल हो जाता है, जिसका खामियाजा घर में धन, ऐश्वर्य के अभाव से भुगतना पड़ता है। जिन लोगों ने पिछले जन्म में अपने अधीनस्थ कर्मचारी अथवा नौकरों पर दया-धर्म किया होता है तथा गरीबों की सेवा तन, मन, धन से की है, उन्हें इस जन्म में उच्च के बलवान शनि का आर्शीवाद प्राप्त होता है, जिससे व्यक्ति की साढ़ेसाती आदि से रक्षा होती है। *🛑इसलिए मनुष्य को सदाचार युक्त जीवन व्यतीत करना चाहिए और इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि जो बोया गया है, वहीं प्राप्त होता है। हमें अपने वर्तमान जीवन में किए गए सारे कार्यों के लिए जवाबदेह रहना होगा।* *🚩#हरिऊँ🚩* 🙏🏻🙏🏻🙏🏻 💐💐💐💐💐💐💐💐💐

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