
Lal Singh 🇮🇳🇮🇳
244 days ago
🕉️ 🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱🔱 दिसंबर खत्म होने वाला है और जनवरी आने वाला है । प्रचलित कई कैलेंडर में से एक अब ईसाई ग्रीगेरियन कैलेंडर के अनुसार न्यू ईयर शुरू होगा और न्यू ईयर का पहला महीना जनवरी और पहला दिन 1️⃣ जनवरी बताया है । New Year है कैसे है ? और क्यों है ? इसके पीछे की कहानी क्या है ? ऐसा कहा जाता है कि 2️⃣5️⃣ दिसंबर को यीशु का जन्म हुआ था हालांकि इसके कोई ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं है । इस संबंध में आज तक कोई पुरातात्विक साक्ष्य नही मिले हैं । फिर भी किंवदंतियों के अनुसार इस दिन को जन्म दिवस फेस्टिवल के रूप में बड़े पैमाने पर माना जाता है । इस कारण उस दिन नकली प्लास्टिक के पौधे में कृत्रिम प्रकाश लगाकर फेस्टिवल होने का प्रतीक बनाया गया और अंधविश्वास के कारण क्रिसमस मनाना शुरू हुआ । फिर भी एक प्रश्न रह जाता है कि 1️⃣ जनवरी को ही न्यू ईयर क्यों मनाया जाता है ? तो इसके पीछे यह सोच प्रतीत होती है कि 2️⃣5️⃣ दिसंबर को जन्म के 7️⃣ दिन बाद यीशु का लिंग का खतना कर उसे *नया ईसाई* बनाया गया और खतने की तारीख 1️⃣ जनवरी थी, जिसे हम लोग अत्यंत ख़ुश होकर खतना दिवस 1️⃣ जनवरी को न्यू ईयर मनाते हैं । सनातन धर्म में नव वर्ष आनंद दायक होता है क्योंकि ऋतु सुहावना व आनंददायक होती है , पेड़ों पर नए नए पत्ते 🍃 आने लगते हैं । चारों ओर एक नयापन अर्थात् हरियाली छा जाती है वहीं से नववर्ष का शुभारम्भ होता है और ये 1️⃣ जनवरी की तरह ठिठुरन कंपकपी वाली सुबह जैसी नहीं होती। विचार विश्लेषण निजी है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अंतर्गत आते है ।
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